शीतकालीन सत्र देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संविधान के निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के अपमान के लिये दर्ज हो गया

मामून अंसारी जिला ब्यूरो चीफ एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

बाराबंकी 23 दिसम्बर- देश के संसदीय इतिहास में 18वीं लोकसभा का शीतकालीन सत्र देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संविधान के निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के अपमान के लिये दर्ज हो गया है बाबा साहब हमारे आर्दश हैं उनका अपमान देश की जनता का अपमान है जिसके लिये देश की जनता अमित शाह को कभी माफ नही करेगी। जब तक वो देश की जनता से माफी नही मांगते हैं और देश के प्रधानमंत्री उन्हें मंत्रीमण्डल से बर्खास्त नही करते हैं हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा विरोध के इसी क्रम में कल दिनांक 24 दिसम्बर 2024 को कांग्रेसजन 11 बजे दिन, नाका सतरिख स्थित अम्बेडकर उद्यान पर संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च करके जिलाधिकारी के माध्यम से देश के महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बाबा साहब के अपमान पर माफी मांगने तथा केन्द्रीय मंत्रिमण्डल से इस्तीफे की जोरदार मांग करेंगे।
उक्त आशय की जानकारी आज अपने ओबरी आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, नगर अध्यक्ष राजेन्द्र वर्मा फोटोवाला, प्रवक्ता सरजू शर्मा, अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष विजयपाल गौतम, मौजूद थे, उसमें स्थानीय सांसद तनुज पुनिया ने पत्रकारों को देते हुये बताया कि, भाजपा ने हमेशा से लोकतन्त्र और संविधानिक मूल्यों के प्रति तिरस्कार दिखाने का कोई मौका नही छोड़ा है लेकिन इस बार उसने सारी हदें पार कर दी हैं। संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस समेत इण्डिया गठबन्धन के दलों ने संसद में सरकार से संविधान पर चर्चा की मांग रक्खी। अडानी, मणिपुर, सम्भल जैसे मामले पर सदन में बहस की मांग ठुकराये जाने के बाद प्रतिपक्ष की संविधान पर चर्चा की मांग भाजपा सरकार ने मान ली है। और इस मौके पर कांग्रेस समेत सभी दलों ने सरकार को लोकतांत्रिक और संविधानिक मूल्यों की प्रतिबद्विता याद दिलाई। समता, समानता और न्याय के डा0 अम्बेडकर के आर्दर्शों पर चलने की सलाह भाजपा को कत्तई रास नही आई और सत्ता प़क्ष ने लगातार विपक्ष को बोलने से रोकने की कोशिश की इतना ही नही केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारत रत्न संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के लिये अपमानजनक टिप्पणी करके भाजपा की मनवादी मानसिकता उजागर कर दी। अमित शाह ने कहा कि, ‘‘अभी एक फैशन हो गया है-अम्बेडकर ,अम्बेडकर, अम्बेडकर, अम्बेडकर , अम्बेडकर ,अम्बेडकर इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।
सांसद तनुज पुनिया ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुये कहा कि, देश की जनता ने भाजपा की संविधान को बदलने की साजिश तथा आरक्षण को खत्म करने की कोशिश को 2024 के आम चुनाव में नाकाम करके भाजपा सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों का पाठ पढा़या था लेकिन भाजपा अब अपनी खीज संविधान निर्माता पर निकाल रही है और उनका अपमान कर रही है। सबसे बड़ी दुःख की यह बात है कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर माफी मांगने की सीख देने के बजाय उनका हौसला बढ़ाने के लिये आरोप प्रत्यारोप की राजनीति तेज कर दी। कांग्रेस समेत समस्त प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी से गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की लेकिन देश की मोदी सरकार डा0 अम्बेडकर के अपमान को अपराध मानने को तैय्यार नही हैं, उल्टे भाजपा ने संसद की कार्यवाई ठप रक्खी। यही नही अपनी मांग को लेकर प्रर्दशन कर रहे कांग्रेस सांसदों के साथ धक्का मुक्की की गई पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गिरा दिया गया और षडयंत्र के तहत भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दिया।
सांसद श्री पुनिया ने कहा कि, भाजपा और उसकी मातृसंस्था हमेशा से डा0 अम्बेडकर और संविधान की विरोधी रही है इन्होनें न सिर्फ संविधान के निर्माण के समय से ही विरोध किया बल्कि इससे पहले इन्होने डा0 अम्बेडकर को चुनाव में हरवाया था आज मै पूरी जिम्मेदारी से आपसे कह रहा हूं कि, कांग्रेस पार्टी संविधान के निर्माता डा0 भीमराव अम्बेडकर के अपमान को लेकर गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर अटल है और जब तक अमित शाह इस्तीफा नहीं देंगे या प्रधानमंत्री उन्हें बर्खास्त नहीं करेंगे हमारा विरोध प्रर्दशन जारी रहेगा।

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