फिल्मस्टार श्रेयस और आलोक के प्रचार पर एजेंटों ने लगवाया एलयूसीसी में रुपया एलयूसीसी के एजेंट कड़कड़ाती ठंड में दे रहे धरना
आलीमा शमीम अंसारी प्रधान संपादक एसएम न्युज24
बारांबकी। एलयूसीसी समेत कई चिट फंड कंपनियों के निवेशक और एजेंट नामी हस्तियों के प्रचार के झांसे में आकर बुरे फंस गए हैं। निवेशकों और एजेंटों का दावा है कि एलयूसीसी कंपनी का प्रचार करने वालों में फिल्म अदाकार श्रेयस तलपड़े और आलोकनाथ भी शामिल थे और वो कंपनी के प्रति निवेशकों को आश्वस्त करते थे। उनका पैसा तो फंसा है ही, साथ ही उनके कहने पर निवेश करने वाले लोग भी उनके पीछे पड़े हैं। ऐसे में ये निवेशक और एजेंट इतने सर्द मौसम के बावजूद रात दिन धरना दे रहे हैं और अपना और उनके द्वारा लगवाए गए पैसे की मांग कर रहे हैं।
बाारबंकी के गन्ना दफ्तर पर पिछले कई दिनों से समस्त ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन के बैनर तले जिले के चिट फंट कंपनियों की धोखाधड़ी के शिकार निवेशक और एजेंट प्रदर्शन कर के अपनी गाढ़ी कमाई को वापस दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं। इनमें एलयूसीसी कंपनी की ठगी के शिकार निवेश और एजेंट भी हैं। ये कंपनी की धोखाध़ड़ी की वजह से दोहरी मार झेल रहे हैं। इनकी निवेशक की रकम तो गई ही है, साथ ही इन्होंने एजेंट बनकर जिन लोगों की रकम निवेश करवाई थी, वो भी उनके पीछे पड़े हुए हैं। ये लोग सरकार से अपनी रकम वापस दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं।
एलयूसीसी की निवेश और एजेंट के तौर पर काम करने वाली रागिनी निगम ने बताया कि उन लोगों को था कि अगर आप 1000 हजार रुपये मासिक के हिसाब से आरडी खोलते हैं, तो तीन साल में 36 हजार जमा होगा और इस पर 44 हजार रुपये मिलेगा। एफडी कराने पर 6 साल में डबल करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि स्कीम में उनसे निवेश कराया गया और उन्हे एक मेंबर आईडी दी गई। रागिनी निगम ने बताया कि जब उन्होंने अपना निवेश कर लिया, तो कंपनी की तरफ से कहा गया कि अगर आप पैसा कमाना चाहते हैं, तो आप इसमें काम करिये। उन्होंने बताया कि जो बात हमें बताई गई थी, वो बात हमें दूसरों को बतानी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें दिखाया गया कि ये कंपनी भारत सरकार की कृषि मंत्रालय से रजिस्टर्ड है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उन्हें कई बड़ी हस्तियों के कंपनी का विज्ञापन करते वीडियो दिखाए गए। इससे उन्हें हर चीज कानूनी लगी और वो झांसे में आ गईं। उन्होंने बताया कि फिल्म एक्टर श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ कंपनी के प्रचारक थे और ये आश्वस्त करते थे कंपनी में आप का धन सुरक्षित है। रागिन निगम ने बताया कि 12 साल से ये कंपनी चल रही थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल अगस्त से मेच्योरिटी मिलना बंद हो गईं। इसके बाद कंपन बैठ गई। उन्होंने बताया कि पूरे देश में करीब 84000 करोड़ का निवेश कंपनी में कराया गया था।
बलरामपुर से आए एक एजेंट ने बताया कि एलयूसीसी कंपनी का एटीएम, शाखाएं और महान हस्तियों के झांसे में आकर उन्होंने 5 साल लोगों से निवेश कराया। उन्होंने बताया कि कई हस्तियां जिनमें फिल्म अदाकार श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ शामिल हैं। उन्होंने दावे किए थे कि इस कंपनी में उनका पैसा सुरक्षित है और इसमें वो अपना बेहतर करियर बना सकते हैं। इस पर उन्होंने भी निवेश किया और दूसरों से करवाया भी। उन्होंने कहा कि अब ये दिल करता है कि जहर खा लूं। उन्होंने कहा कि वो इस आस में धरने पर बैठे हैं कि उनका पैसा मिल जाए। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में लोगों का करोड़ों रुपये फंसे हैं।
धरना दे रहे और एक निवेशक और एजेंट ने बताया कि आदर्श क्रेडिट को आपरेटिव सोसाएटी में 2016 में सवा लाख रुपये निवेश किया था। मेच्योरिटी का वक्त भी आ गया था, लेकिन उससे पहले कंपनी भाग गई। उन्होंने बताया कि सरकार ऐसी कंपनियों को लाइसेंस देती है। उन्होंने बताया कि सचेत में 264 नंबर पर कंपनी अंकित भी थी। उन्होंने कहा कि जब सरकार लाइसेंस देती है, तो हम सबको विश्वास करना पड़ जाता है। क्यूंकि बेरोजगारी है और हम लोगों को कुछ काम भी करना है। बाद में जमाकर्ता सीधे एजेंट को पकड़ता है। ऐसे में हम लोगों को परेशान किया जाता है। जबकि दोषी कोई और होता है।आलीमा शमीम अंसारी प्रधान संपादक एसएम न्युज24

