सहसवान मंडी बना ‘जाम का अड्डा’, राहगीर बोले- पैदल निकलना भी पहाड़ चढ़ने जैसा,  जगह-जगह गंदगी के ढेर

मुकीम अहमद अंसारी

सहसवान, बदायूं। सब्जी-फल की मंडी तो सुनी थी, पर यहां तो रास्ते की मंडी लगती है। सहसवान समिति मंडी का हाल ऐसा कि ग्राहक कम, दुकानदार और गाड़ियां ज्यादा। 

 

 

मंडी के बीचों-बीच रास्ते पर ही व्यापारी ने अपनी दुकानें सजा लीं। जहां से लोगों का आने जाने का रास्ता है, वहां आलू-प्याज के ढेर से रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। रही-सही कसर ई-रिक्शा और ट्रकों ने पूरी कर दी। मंडी का गेट ही इनका “पक्का स्टैंड” बन गया। ट्रक वाले तो ऐसे खड़े होते हैं जैसे बोल रहे हों पहले हमें हटाओ, फिर दुनिया देखो”।

 

रोज आने-जाने वाले राहगीर बताते हैं कि सुबह-सुबह तो मंडी पार करना मतलब “अग्निपथ” पार करना। बुजुर्गों को सहारा चाहिए, महिलाओं को बच्चों को गोद में उठाकर निकलना पड़ता है। कुछ व्यापारियों द्वारा मंडी के अंदर एवं ओर दुकानों को लगाकर जाम को लगा दिया जाता है जिसके चलते काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है,

 

मंडी में जगह-जगह कूड़े के ढेर और गंदगी अंबार लगा हुआ है

उसकी ओर मंडी सचिव का कोई ध्यान आकर्षित नहीं होता।

 

एक स्थानीय ने तंज कसा, “एम्बुलेंस को भी यहां से निकलने के लिए मुहूर्त देखना पड़ेगा। मंडी है या बाधा-दौड़ का ट्रैक

 

नियम कहते हैं कि सार्वजनिक रास्ता रोकना जुर्म है। मंडी समिति की जिम्मेदारी है कि रास्ता साफ रखे। पर यहां तो लगता है सबने आंखें मूंद ली हैं।

 

अब देखना ये है कि जिम्मेदार अधिकारी कब नींद से जागते हैं, या जनता को ही “सेल्फी विद जाम” अभियान चलाना पड़ेगा।

मंडी समिति में कुछ कर्मचारी वर्षों से जमे हुए बैठे हैं।

 

 

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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