जुलाई में सर्पदंश के बढ़े मामले, बरतें सावधानी; जानिए सांप डसे तो क्या करें… क्या न करें

मुकीम अहमद अंसारी

बदायूं। बरसात में सर्पदंश के मामले बढ़ने लगे हैं। बरेली के जिला अस्पताल में जनवरी से अब तक 56 सर्पदंश पीड़ित इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 28 मामले जुलाई के हैं। समय पर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) लगने से 27 मरीजों की जान बच गई।देर से पहुंचे एक मरीज की मौत हुई।आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में सर्पदंश के 136 मामले स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचे।इनमें से 11 लोगों की मौत हुई थी।इस वर्ष अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।दो मृतकों के आश्रितों को दैवीय आपदा राहत मद के तहत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अखिलेश्वर सिंह के मुताबिक,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी)जिला अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम निशुल्क लगती है।सर्पदंश के बाद शुरुआती एक से तीन घंटे में अस्पताल पहुंचना जरूरी होता है।समय पर इलाज से बचाव की संभावना बढ़ती है।झाड़फूंक,नीम की पत्ती चबाना आदि गतिविधि घातक हो सकती है।

ये बरतें सावधानी:- डॉ.अखिलेश्वर सिंह ने कहा कि खेत या झाड़ियों में जाते समय ऊंचे जूते पहनने, टॉर्च का इस्तेमाल करने,तेज कदमों से आवाज करते हुए गुजरें।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जरूरी, सत्यापन के बाद मिलेगी आर्थिक मदद:-दैवीय आपदा प्रभारी कुंवर अक्षत सिंह के मुताबिक, सर्पदंश से मृत्यु होने पर दैवीय आपदा राहत मद से आश्रितों को चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है।इसके लिए मृत्यु की वजह सर्पदंश होना चिकित्सकीय और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से प्रमाणित होना चाहिए। संबंधित थाने और राजस्व विभाग के सत्यापन के बाद प्रस्ताव जिला प्रशासन के पास पहुंचता है।स्वीकृति मिलने पर राशि आश्रित के बैंक खाते में भेजी जाती है।

बारिश में इसलिए बढ़ते हैं सर्पदंश के मामले

– बारिश से बिल में पानी भरने से सांप निकलकर बाहर सूखी और सुरक्षित जगह पर आ जाते हैं।

– खरीफ सीजन में धान की रोपाई व अन्य कृषि कार्य होते हैं। यहां सांप छिपे हो सकते हैं।

– घास और झाड़ियां छिपने के लिए अनुकूल होती हैं। सांप यहां रहते हैं।खतरा भांपने पर डसते हैं।

– सांप का आहार चूहे, मेंढक होते हैं। इसकी तलाश में सांप आबादी और खेतों की ओर आ जाते हैं।

– रात में सांप नहीं दिखते।बिना रोशनी के पशुशाला में कतई न जाएं।

सांप काट ले तो करें ये उपाय

– मरीज को शांत रखें, अस्पताल पहुंचाएं।

– जहां सांप ने काटा हो, उस अंग को स्थिर रखें। हिलाएं नहीं।

– काटने का समय याद रखें, चिकित्सक को बताएं।

– चिकित्सकीय सलाह पर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं

 

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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