मसौली बाराबंकी। ग्राम पंचायत मसूदमऊ कई माह पूर्व ओडीएफ घोषित हो चुका है। परन्तु दो दर्जन से अधिक अधूरे शौचालय ओडीएफ को आइना दिखा रहे हैं। जिसमें अधिकांश मे दरवाजा नदारत है और छत व शीट का भी पता नही है।जिस कारण से आज भी खुले में शौच मुक्त नही हो सका है। पीड़ितों ने कई बार ब्लाक मुख्यालय से लेकर जिला के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी निराशा ही हाथ लग रही है। विकास खण्ड रामनगर की ग्राम पंचायत मसूदमऊ को वर्ष 2019-2020 में ओ डी एफ घोषित किया गया था। जिसमें केन्द्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में स्वच्छता अभियान शामिल किया गया था। जिसमें शौचालय को इज्जत घर का नाम दिया गया। जिससे लोग खुले में शौच न जाते इसके लिए घर घर शौचालयों का निर्माण कराया गया था। परन्तु ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी की मिली जुली साठ गांठ से ठेकेदारी प्रथा से शौचालयों का निर्माण कराया गया था। जिसमें लगभग दो दर्जन से अधिक शौचालय अपूर्ण आज भी पड़े है। जिसका कोई पुरसाहाल नही है। हालांकि कि पीड़ितों ने ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारी से कई बार शिकायत भी कर चुके है। लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है। गांव निवासी अनुजसिंह, भारत, श्रीराम, किरण देवी, द्वारिका, राधे श्याम, नूर हसन, मेहंदी हसन, राम तीरथ संजू आदि मुख्य विकास अधिकारी को प्रर्थाना पत्र देकर जांच उपरांत शौचालयों को पूर्ण एवं अनियमितता बरतने वालों पर कार्यवाही की गुहार लगाई है।
मोहम्मद वसीम कुरेशी संवाददाता मसौली बाराबंकी।

