बाराबंकी। राज्यसभा सदस्य अमर सिंह एक राजनेता के साथ-साथ सामाजिक व्यक्ति भी थे। वे राजनीतिक विवादों के कारण भी हमेशा चर्चा में रहे। अमर सिंह का व्यक्तित्व ही ऐसा था कि वे राजनीति में भले ही विवादों से घिरे रहे हों लेकिन उनकी अपरिहार्यता हमेशा बनी रही। वह दूसरों के दुख को अपना दुख समझते थे। उनका असमायिक निधन देश व समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति है। जिसकी पूर्ति कोई नहीं कर सकता है। यह बात समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता रहे राज्यसभा सांसद स्व. अमर सिंह के निधन पर गांधी भवन में आयोजित शोकसभा की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने कही। श्री शर्मा ने बताया कि तीन दिन पूर्व सिंगापुर के माउन्ट एलिजाबेथ हॉस्पिटल में संदेश भेजकर उनका हालचाल जानने का प्रयास किया गया था और कल उनके निधन का दुखद समाचार मिला। जो कष्टप्रद है। श्री शर्मा ने कहा कि अमर सिंह जी का 02 अक्टूबर 2018 को बाराबंकी आगमन हुआ। उस दौरान श्री सिंह को चन्द्रशेखर सद्भावना अवार्ड से सम्मानित किया गया। यही नहीं वह भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश का महासंघ बनाओं मुहीम के समर्थक भी थे। 9 अगस्त 2017 को दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में शामिल हुए और विचार रखे। श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ में जन्में अमर सिंह ने अपनी विद्वता, बुद्धिमता और कार्य क्षमता के बल पर भारतीय राजनीति में एक मुकाम स्थापित किया। जिस कारण वह कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में विख्यात हुए। हाल के वर्षों में उनसे मेरे रिश्ते हो गए। राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन भारतीय राजनीति के प्रखर वक्ता की अपूर्णनीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति एवं शोकाकुल परिवार को सम्बल प्रदान करें। उनके असमायिक निधन पर गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट परिवार शोकाकुल है। इस मौके पर प्रमुख रूप से प्रसपा नेता धनंजय शर्मा, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, पाटेश्वरी प्रसाद, सत्यवान वर्मा, रवि प्रताप सिंह, पी.के सिंह, विजय कुमार सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
शमीम अंसारी बाराबंकी: एसएम न्यूज24टाइम्स .

