रोपनी करती खेत में, गावत सावन संग… प्रतिभा मिश्रा की बढ़ती जा रही कबिता लेखन में रुचि

मामुन अंसारी संवाददाता बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

रामनगर बाराबंकी। दिनों दिन प्रतिभा मिश्रा कविता लेखन के क्षेत्र में आगे बढ़ती जा रही हैं। वे मौजूदा परिदृश्यों को कबिता, गीत, छंद के द्वारा कलम से बांधती हैं तो उसे पढ़कर सुनकर आनन्द प्राप्त होता है। समय निकालकर कुछ न कुछ वे लिखती रहती हैं। संत कबीर नगर की रहने वाली कवि प्रतिभा मिश्रा को कविताओं से बेहद लगाव है। अभी सावन में हो रही बारिश का वर्णन उन्होंने कविता के माध्यम से किया। सावन के बरसात से, सुखी अचर पशु वन्य। अंग अंग अंकुर खिले, धरा हो गई धन्य।। धरा हरित वसना हुई, गगन मेघ अंबार। प्रकृति छटा मनहर हुई, निरखत बारंबार।। कोरोना की मार से, सभी बहुत है त्रस्त। सहमे सहमे दिख रहे, सभी लोग भर ग्रस्त।। रोपनी करती खेत में, गावत सावन संग। बरसा पानी झूमके ,पुलकित पवन प्रसंग।। मिलता जल सब को सदा, वर्षा जल के हाथ। संचित जल करते रहें, है यह जीवन हाथ।। उन्होंने अयोध्या धाम में हुए भगवान श्री राम के मंदिर भूमिपूजन पर भी ह्रदय के उद्गार कुछ इस तरह लिखे। अवध धाम में राम का, मंदिर बने अनूप। शिलान्यास है कर रहे ,मोदी सत्य स्वरूप।। सदी 2020 की ,बुध शुद्ध है वार। मंदिर निर्मित हो रहा अवध धाम के द्वार।। कारसेवकों ने किया, प्राण निछावर आप। मस्जिद ढांचा तोड़कर ,मिटा दिया अभिशाप। जागृत जनता हो गई, रथ आडवाणी साथ। मुरली मनोहर ने भरी हुंकारा जयगाथ।। बुर्ज गगन को छू रहा ,गाता गाथा राम। अभिनव अनुपम बन रहा मंदिर भी अभिराम।। दानी दाता को गनै, गणना हुई अनंत। राम काज हित दे रहे बड़े बड़ों से संत।। भूमि पूजन कर रहे ,मोदी प्रमुख विशेष। करते राष्ट्र नेतृत्व वह,बचे न कोई शेष।। अभिजीत शुभ नक्षत्र में ,बना दिव्य संयोग। भूमि पूजन हो रहा, हर्षित हैं सब लोग।। वे कहती हैं कि मौजूदा हालातों पर कलम चलाना उनको अच्छा लगता है। समय जब मिलता है तो कुछ न कुछ जरूर लिखती हैं।

मामुन अंसारी संवाददाता बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

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