थाना कोतवाली पुलिस द्वारा 17 लाख रूपये की झूठी लूट की घटना का किया गया सफल अनावरण, लूट का झूठा मुकदमा पंजीकृत कराने वाले वादी व उसके साथी की गिरफ्तारी।

अब्दुल मुईद सिटी रिपोर्टर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स

बाराबंकी कोतवाली नगर पुलिस द्वारा 17 लाख रूपये की झूठी लूट का किया गया सफल अनावरण, लूट का झूठा मुकदमा पंजीकृत कराने वाले वादी व उसका साथी गिरफ्तार।


जनपद बाराबंकी पुलिस को सनसनीखेज लूट की झूठी सूचना देने वाले अभियुक्त की गिरफ्तारी कर लूटे गये दिखाए 17 लाख रूपये की बरामदगी करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। अभियुक्तगण -निहाल सिंह पुत्र राजेश सिंह निवासी बोहना पोस्ट सेना थाना जहानागंज, आजमगढ़। हाल पता किरायेदार हरीभवन चौहान, चौहान कैफे, बंथरा लखनऊ।2-मुन्ना लाल चैहान पुत्र लाल चन्द चैहान निवासी राघवपुर थाना कन्धरापुर, आजमगढ़।

*बरामदगी-*
1-लूट की सूचना दी गयी सम्पूर्ण धनराशि 17 लाख रूपये।
2-लूट की मिथ्या घटना घटित करने के लिये इस्तेमाल की गयी स्विफ्ट डिजायर गाड़ी,जिस पर गोली लगने का निशान बनाया गया।
3-लूट की मिथ्या घटना कारित करने की योजना में उक्त रूपये 17 लाख छिपाने के लिए इस्तेमाल की गयी स्कार्पियो
4-गोली का निशान बनाने के लिये प्रयुक्त धारदार सरिया।
5-गाड़ी का शीशा तोड़ने के लिये इस्तेमाल किया गया डंडा।
6-मिथ्या लूट की घटना बनाने के लिये स्वयं के सिर में चोट मारने के लिये इस्तेमाल की गयी नुकीली चाभी।
7-मोबाइल फोन, जिससे 112 को कॉल करके मिथ्या लूट की सूचना दी गयी।

दिनांक-7/8-8-2020 की रात्रि लगभग 11.30 बजे निहाल सिंह नामक व्यक्ति ने यूपी-112 पर सूचना दी कि वह अपने बिजनेस से सम्बन्धित रूपये कुल 17 लाख लेकर अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से लखनऊ से गोरखपुर जा रहे थे। ग्राम दारापुर हाईवे जनपद बाराबंकी के पास एक काले रंग की स्कार्पियो ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करके रोका। गाड़ी पर फायर किया। लाठी से गाड़ी के शीशे तोड़ दिये और भय दिखाकर उक्त धनराशि लूट ली। घटना की गम्भीरता को देखते हुये कोतवाली बाराबंकी में मु0अ0सं0-564/20 धारा-394 भादवि पंजीकृत हुआ और श्री आर0एस0 गौतम, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बाराबंकी के निकट पर्यवेक्षण एवं श्री सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में 03 टीमें गठित की गयी। पहली टीम के प्रभारी श्री पंकज सिंह, प्र0नि0 कोतवाली नगर को तत्काल स्थलीय निरीक्षण और वादी द्वारा बताये गये उक्त पैसा प्राप्त करने के स्थान एवं रूट की जानकारी कर अनावरण की जिम्मेदारी दी गयी। दूसरी टीम स्वाट प्रभारी के नेतृत्व में घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर उनका विश्लेषण करने, तीसरी टीम अतिरिक्त निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में गठित कर उन्हें वादी एवं उसके साथ गाड़ी में मौजूद सहयोगी/मित्र से लगातार पूछताछ करते हुये उनके बयान लिखकर उनमें विसंगति ढूंढने का प्रयास करने के लिये लगायी गयी। आरम्भिक जानकारी के अनुसार निहाल सिंह गोरखपुर स्थित *सिंह कन्स्ट्रक्शन* के लिये काम करता है और कम्पनी ने सीतापुर में एक राजकीय महाविद्यालय बनाने का ठेका हासिल करने के लिये लखनऊ निवासी संजू मिश्रा को लाइजनिंग फी के रूप में 45 लाख रूपये दिये थे, किन्तु 09.65 करोड की लागत से बनने वाले उक्त विद्यालय में कुल 1.05 करोड़ का ही काम हुआ। इसलिये सिंह कन्स्ट्रक्शन के प्रतिनिधि के रूप में निहाल सिंह और लाइजनर संजू मिश्रा के बीच कई राउण्ड की मीटिंग के बाद 20 लाख रूपये वापस करने की बात तय हुई। दिनांक-7-8-2020 को संजू मिश्रा ने 14 लाख रूपये राज्य अभिलेखागार परिसर, महानगर एवं शेष धनराशि 03.00 लाख सीएमएस मुख्यालय, स्टेशन रोड के सामने दिया जाना बताया। वादी ने बताया कि वह अपने सहयोगी मुन्ना लाल चौहान के साथ रात लगभग 10.00 बजे आलमबाग, लखनऊ से बाराबंकी होते हुये गोरखपुर जाने के लिये निकला। समय 11.30 बजे रात्रि के लगभग कालिका होटल निकट असैनी मोड़ पहुंचा, लेकिन वहां काफी भीड़-भाड़ थी और कोरोना के भय के कारण उसने आगे की दुकान से रास्ते में खाने के लिये बिस्किट एवं पानी खरीदा और आगे बढ़ गया। ग्राम दारापुर हाईवे के पास पीछे से आयी एक स्कार्पियो ने ओवरटेक करके रोक लिया और उसमें सवार 4 लोगों ने मुझसे पेमेन्ट में प्राप्त रूपये बलपूर्वक लूट लिए। इस दौरान उन्होंने गाड़ी पर 02 फायर किये और लाठी से गाड़ी के शीशे तोड़ दिये और 17 लाख रूपये लूट कर लखनऊ की ओर वापस चले गये।

घटना की गम्भीरता को देखते हुये मेरे पर्यवेक्षण में बनायी गयी टीमों ने अत्यन्त सक्रियता से रात में ही अपना काम शुरू कर दिया। वादी को टीम द्वारा उन सभी स्थानों पर ले जाया गया, जहां घटना के दिन उसके तथाकथित लाइजनर संजू मिश्रा के साथ पैसों का लेन-देन हुआ अथवा अन्य आवागमन हुआ। एक आश्चर्यजनक तथ्य सामने आया कि पूरे दिन प्रत्येक क्रिया-कलाप ऐसे ही स्थानों पर हुआ, जो वहां लगे सीसीटीवी में कैप्चर हुआ, जिससे शक हुआ कि बार-बार कैमरे में अंकित होना किसी योजना का हिस्सा तो नहीं है। तथापि वादी पर विश्वास करके सभी सम्बन्धित स्थानों पर डिजिटल साक्ष्य उठाने का प्रयास किया गया। वादी ने अपनी कम्पनी सिंह कन्स्ट्रक्शन के प्रोपराइटर श्री अमित सिंह से बात करके भी संजू मिश्रा पर पैसा लूटने का आरोप लगाया। प्र0नि0 कोतवाली नगर ने युक्तिपूर्वक अमित सिंह से बात कर वादी निहाल सिंह की पृष्ठभूमि जानने का प्रयास किया और कुछ प्रतिकूल तथ्य की जानकारी होने पर उसके साथी मुन्ना लाल चौहान से कड़ाई से पूछताछ की गयी। मुन्ना लाल चौहान ने घटना के चौंका देने वाले तथ्यों के बारे में बताते हुये कहा कि हम लोगों के साथ लूट की कोई घटना नहीं हुई है। हम दोनों अपने व्यक्तिगत खर्चों के कर्ज से बहुत परेशान थे। इसलिये सिंह कन्स्ट्रक्शन के लिये संजू मिश्रा से मिले 17 लाख रूपये हड़पने की योजना बनायी। दिनांक-07 अगस्त, 2020 को पैसा मिलने के बाद पूर्व नियोजित योजना के तहत हम लोग निहाल सिंह के मित्र संजू यादव के पीजीआई के निकट स्थित फार्म हाउस पर गये, जहां पूर्व से उनकी गैराज में निहाल सिंह की खड़ी स्कार्पियो में हम लोगों ने उक्त 17 लाख रूपये रख दिये और निहाल सिंह ने अपनी इस्तेमाली स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के बोनट पर नुकीली सरिया से फायर आर्म्स की चोट दिखने जैसा निशान बनाया तथा गाड़ी में रखे डन्डे से विंड स्कीन और साइड की एक कांच तोड़ दिया। घटना को सत्य बताने के लिये निहाल सिंह ने अपनी कमीज भी फाड़ ली थी। मैने एक नुकीली चाभी से स्वयं अपने सिर में चोट मार कर दिखाने के लिये घाव कर लिया था। उसके बाद हम लोग गोरखपुर के लिये निकले और रास्ते में मिथ्या लूट की कहानी गढ़कर 112 कन्ट्रोल रूम को सूचना दी और कोतवाली बाराबंकी में लूट का मुकदमा लिखवाया।

इस क्रम में निहाल सिंह ने कड़ाई से की गयी पूछताछ के तत्काल बाद पूरा पैसा 17 लाख रूपये, उक्त स्कार्पियो वाहन स्विफ्ट डिजायर में बुलेट की निशान बनाने के लिये इस्तेमाल की गयी नुकीली सरिया एवं डन्डा बरामद कर लिये गये। निहाल सिंह मूल रूप से आजमगढ़ का रहने वाला है और पिछले लगभग 10 वर्षों से लखनऊ में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रहा है। वर्तमान में बंथरा में पिछले 03 साल से रह रहा है। उसका आपराधिक इतिहास जानने के लिये सभी सम्बन्धित थानों /जनपदों से सम्पर्क किया जा रहा है। सिंह कन्स्ट्रक्शन के प्रोपराइटर अमित सिंह से प्राप्त तहरीर के आधार पर पंजीकृत अभियोग में धारा-394 भादवि को खारिज करते हुये धारा-420, 408 (सेवक रहते हुये किसी प्रकार की सम्पत्ति के विषय में आपराधिक न्यास भंग करना), 120बी, 195 (आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध के लिये दोषसिद्ध कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना) भादवि में तरमीम करते हुये उक्त दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम को 10 हजार रूपये पुरस्कार की घोषणा की गयी है।

*पुलिस टीम-*
01. प्रभारी निरीक्षक श्री पंकज कुमार सिंह थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी।
02. अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी।
03. व0उ0नि0 श्री सतीश कुमार सिंह थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी।
04. उ0नि0 श्री मुन्ना कुमार प्रभारी सर्विलांस टीम जनपद बाराबंकी।
05. उ0नि0 श्री सन्दीप दूबे स्वाट टीम जनपद बाराबंकी।
06. उ0नि0 श्री अरूण कुमार सरोज थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी।
07. उ0नि0 श्री शैलेन्द्र कुमार आजाद प्रभारी चौकी आवास-विकास थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी।
08. हे0का0 राजेन्द्र यादव, का0 शिवरतन शाही थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी।
09. हे0का0 बलकरन थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी।
10. का0 अजय कुमार सर्विलांस टीम जनपद बाराबंकी।

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