प्रेम प्रसंग को लेकर हुई थी रामू की हत्या पुलिस अधीक्षक ने किया हत्या काण्ड का खुलासा, चार गिरफ्तार

शमीम अंसारी बाराबंकी: रिपोर्ट - सएम न्यूज24टाइम्स .

बाराबंकी। थाना हैदरगढ़ पुलिस एवं स्वाट टीम द्वारा रामू हत्याकाण्ड का सफल अनावरण किया गया। षड़यन्त्र रचकर हत्या करने वाले 04 हत्या अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। थाना हैदरगढ़ पुलिस द्वारा रामू हत्याकाण्ड का सफल अनावरण करते हुए अवैध सम्बन्धों को लेकर हत्या कारित करने वाले 03 अभियुक्तों सहित हत्या का षडयन्त्र रचने वाला ग्राम प्रधान को गिरफ्तार किया गया। ज्ञात हो कि थाना हैदरगढ़ में श्यामू त्रिवेदी पुत्र कैलाश त्रिवेदी ने सूचना दिया कि 13 सितम्बर को मेरे सगे बड़े भाई रामू त्रिवेदी ननिहाल ग्राम बहलीमपुर से खेत की रखवाली करने गये थे। देर रात तक वापस नहीं आये तो सुबह 14 सितम्बर को उनके मामा अवधेश मिश्रा खोजने निकले तो रामू त्रिवेदी का शव खेत से थोड़ी दूर पर पड़ा था । अवधेश मिश्रा ने फोन कर बताया कि उसके भाई की मृत्यु हो चुकी है। सूचना पर अपनी मां को लेकर ग्राम बहलीमपुर अपने मामा के घर पहुंचे। साथ ही यह आशंका थी कि रामू त्रिवेदी की हत्या बहलीमपुर गांव के किसी व्यक्ति द्वारा कर दी गयी है। इस सूचना पर थाना हैदरगढ़ पुलिस द्वारा शव को पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। पोस्टमार्टम होने के उपरान्त प्राप्त रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्ट्रांगलुशेन से होना पाया गया, जिसके आधार पर संबंधित धाराओ में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी द्वारा तत्काल घटना का संज्ञान लेते हुए टीमों का गठन किया गया। जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक हैदरगढ़ व सर्विलांस स्वाट टीम शनिवार को रामू हत्याकाण्ड से संबंधित विजेन्द्र शुक्ला, राघवेन्द्र शुक्ला पुत्रगण गोविन्द प्रसाद शुक्ला, विनीत शुक्ला पुत्र राम लखन शुक्ला, राजकुमार शुक्ला पुत्र रसिक बिहारी निवासीगण बहलीमपुर मजरे कुलहदा को लक्ष्मणगढ़ बाजार से किया गया। अभियुक्तगण के कब्जे से हत्या कारित करने में प्रयुक्त लगभग डेढ़ मीटर रस्सी, मृतक का मोबाइल व मृतक का आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र बरामद किया गया। साक्ष्य संकलन के आधार पर उपरोक्त अभियोग में बढ़ोत्तरी की गयी।

 

हत्या करने की क्या थी वजह?

पुलिस के मुताबिक मृतक रामू त्रिवेदी अपने 03 भाइयों में सबसे बड़ा था और वह अपने ननिहाल ग्राम बहलीमपुर में 04 बीघे खेत की बटाई का कार्य करता था एवं इसके 02 छोटे भाई लखनऊ में मजदूरी का कार्य करते है। रामू खेत की बटाई का कार्य देखने के लिए ग्राम बहलीमपुर में अधिकतर समय उसी गाँव मे रहता था। इसी बीच मृतक रामू का बहलीमपुर मजरे कुलहदा के ग्राम प्रधान विजेन्द्र शुक्ला के घर काफी आना-जाना हो गया। ग्राम प्रधान के भाई राघवेन्द्र शुक्ला की पत्नी का नाजायज सम्बन्ध रामू से हो गया। इस बात की जानकारी जब राघवेन्द्र शुक्ला को हुई तो उसने अपनी पत्नी को मारा-पीटा और रामू को भी धमकाया लेकिन इसका कोई फर्क नहीं हुआ। धीरे-धीरे रामू से ग्राम प्रधान के छोटे भाई की पत्नी से अवैध सम्बन्ध की बात फैलने लगी तो विजेन्द्र शुक्ला अपनी इस तरह से हो रही बदनामी से क्रोधित हो उठा और उसे लगा कि अगर रामू को मार देगा तो उसकी बदनामी नहीं होगी । षडयन्त्र के अनुसार 13 सितम्बर की सांय करीब 07.00 बजे रामू अपने ननिहाल के घर से खेत की रखवाली के लिए निकला तो विजेन्द्र ग्राम प्रधान का ड्राइवर विनीत शुक्ला, घर का कार्य देखने वाला राजकुमार शुक्ला और उसका भाई राघवेन्द्र शुक्ला उसके खेत पहुंचे जहां वह खेत की रखवाली कर रहा था। इन लोगों द्वारा रामू को अपने पास बुलाया गया और इधर-उधर की बातें करते हुए उसको बहाने से चलने के लिए कहा इसके बाद पहले से अपने पास लिए लगभग डेढ़ मीटर रस्सी से रामू की गला कस कर और अन्य दो लोगों द्वारा हाथ और पैर पकड़कर हत्या कर दी गयी। इसके बाद शव को षडयन्त्र के तहत नाग के मरने वाले स्थान पर ले गये और वहीं पास में एक यूकेलिप्टस पेड़ से रस्सी के सहारे गले में फंदा डालकर लटका दिया लेकिन फिर अभियुक्तों ने कहा कि यह आत्महत्या हो जायेगी और पुलिस गांव में पूछताछ करेगी तो सारा भेद खुल जायेगा। पुनः अभियुक्तों ने रामू के शव को खेत में रख कर पैर में सांप के काटने का निशान बना दिया, जिससे पूर्व में प्रचलित मनगढ़ंत कहानी से सभी लोगों को लगे कि रामू की मृत्यु सांप के काटने से हुई है।

शमीम अंसारी बाराबंकी: रिपोर्ट – सएम न्यूज24टाइम्स .

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