बबुआ अखिलेश को हराने के लिए किसी भी दल से मिलने को तैयार हुई बुआ मायावती

प्रधान संपादक आलीमा शमीम अंसारी एसएम न्यूज24टाइम्स

लखनऊ। उत्तरप्रदेश की सियासत नया मोड़ लेती दिख रही है। राज्यसभा चुनाव में हुई उठापटक और सियासी गुणाभाग के बाद बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी पर हल्ला बोल दिया है। मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के बाद अखिलेश की भी बुरी गति होगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी को हराने के लिए किसी भी पार्टी को सपॉर्ट करने की बात कह दी। मायावती ने सपा के संपर्क में आए 7 विधायकों को निलंबित कर दिया है। मायावती ने कहा है कि इन विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी यदि वे सपा में शामिल होते हैं। मायावती ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबला करने के लिए हमारी पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया था। लेकिन उनके परिवार में चल रही आंतरिक कलह की वजह से उन्हें बीएसपी के साथ गठबंधन का अधिक फायदा नहीं मिल सका। चुनाव के बाद उनकी तरफ से प्रतिक्रिया मिलनी बंद हो गई, जिस वजह से हमारी पार्टी ने रास्ते अलग करने का फैसला लिया।’

मायावती ने कहा, मैं इसबात का खुलासा करना चाहती हूं, कि जब लोकसभा चुनाव साथ लड़ने का फैसला हुआ था, तब पहले दिन से ही हमारी पार्टी ने कड़ी मेहनत की। लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पहले दिन से ही सतीश चंद्र मिश्रा से कहते रहे कि अब जबकि एसपी-बीएसपी ने हाथ मिला लिया है,तब मुझे जून 1995 के केस को वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार की बजाय सपा मुखिया मुकदमा वापसी करने में जुटे हुए थे। 2003 में मुलायम ने बसपा तोड़ी उनकी बुरी गति हुई, अब अखिलेश ने तोड़ी है, उनकी बुरी गति होगी। राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के विधायकों में हुई सेंधमारी पर मायावती ने कहा, लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद जब समाजवादी पार्टी के व्यवहार को देखा, तभी समझ में आ गया कि हमारे द्वारा 2 जून 1995 के केस को वापस लेकर बड़ी गलती की है। हमें उनके साथ हाथ नहीं मिलाना चाहिए था और इस संबंध में गहराई से सोचना चाहिए था।’

उन्होंने कहा, बीएसपी ने फैसला कर लिया है कि यूपी में आगामी एमएलसी चुनाव में सपा के प्रत्याशी को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। अगर हमें बीजेपी प्रत्याशी या फिर किसी दूसरी पार्टी के कैंडिडेट को वोट देना होगा तब भी हम वोट करने वाले है। मायावती ने कहा कि 1995 के गेस्ट हाउस कांड का मुकदमा वापस लेना गलती थी। इससे पहले बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि खरीद फरोख्त सपा की पुरानी प्रथा है। विधायकों के खिलाफ एक्शन पर पार्टी फैसला करेगी। विधायकों ने किसके दबाव में गलत बयान दिया यह उन्हें ही बताना चाहिए। राज्यसभा की 10 सीटों पर हो रहे चुनाव में बुधवार को दिनभर चली उठा-पटक के बीच एसपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज हो गया। बीएसपी प्रत्याशी रामजी गौतम के प्रस्तावकों में ही सेंधमारी कर उनका पर्चा खारिज करवाने की एसपी की रणनीति पर अंतत: बीएसपी भारी पड़ गई। इस बीच बीएसपी के सात विधायक सपा के संपर्क में हैं। विरोध का बिगुल फूंक चुके विधायक के मुताबिक सात विधायकों के अलावा कुछ और विधायक भी सपा के संपर्क में हैं। इसमें से पांच विधायकों ने प्रस्तावक के तौर पर अपने साइन होने से ही इनकार कर दिया। हालांकि बाद में उनका दावा गलत पाया गया।

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