तीन ट्रकों से रवाना हुआ काला चावल कमिश्नर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना , गुजरात से समुद्र मार्ग के जरिए होगी रवानगी
रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स
वाराणसी । हरहुआ ब्लाक के रिंग रोड स्थित ऐढे ग्राम पंचायत के समीप तीन ट्रकों से कमिश्नर वाराणसी द्वारा हरी झंडी दिखाकर कतर के लिए काला चावल और ‘सम्भा चावल’ बुधवार की सुबह रवाना किया गया। इस दौरान जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
पहले बाबतपुर एयरपोर्ट से भेजे जाने की तैयारी थी। एपीडा के अध्यक्ष एम अंगामुथु ने वाराणसी में चावल लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वाराणसी सहित अन्य आसपास के जिलों में किसानों की पैदावार को लगातार निर्यात करने की पहल हो रही है। उत्तम किस्म की खेती के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उपस्थित वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि सिर्फ काला चावल ही नहीं बल्कि आम और हरी मिर्च का निर्यात भी हो रहा है। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने में यह संजीवनी सरीखा होगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि पूर्वांचल में वाराणसी निर्यात का हब बनने की राह चल पड़ा है। हरी मिर्च समेत कई उत्पाद विदेश भेजे जा रहे हैं। हाल ही वर्चुअल मीटिंग के दौरान देश के बहुतायत एक्सपोर्टरों ने यहां के उत्पाद के प्रति खासी दिलचस्पी दिखाई थी। काला चावल की डिमांड अस्सी टन के आसपास है। उत्पादन इस बार ज्यादा हुआ है इसलिए डिमांड पूरी करने की पूरी कोशिश हो रही है। लगड़ा आम का क्षेत्रफल इस बार बढ़ाया गया है क्योंकि वाराणसी के लंगड़ा आम की डिमांड ज्यादा है। फसल ठीक ठाक रही तो अच्छी आमदनी किसानों को होगी। किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानक के तहत उत्पादन करने के साथ ही पैकजिंग आदि के तौर तरीके सिखाने के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निर्यात के क्षेत्र में यह खासा लाभदायक होगा। इसके अलावा निर्यात के मानक को पूरा कर उत्पाद करने वाले किसानों के खेतों को अन्य किसानों को भी दिखाया जा रहा है ताकि वह जमीन पर उपज को देखकर उसी के अनुसार कार्य कर सकें। एफपीओ के गठन पर भी जोर है। साथ ही लाइसेंस भी जारी किया जाएगा ताकि वह आगे खुद ही व्यापार की दिशा में आगे आएं और अच्छा खासा मुनाफा अर्जित कर सकें । कमिश्नर वाराणसी और एपीडा के चेयर मैन के अनुसार यह चावल पहले गुजरात जाएगा और वहां से समुद्र मार्ग से कतर रवाना हो जाएगाा। वहीं रामनगर राल्हूपुर बंदरगाह से भी भविष्य में सब्जियों, फलों समेत चावल आदि भेजने की तैयारी हो रही है। पहली कड़ी में कुल 520 टन चावल की पहली खेप रवाना की गई है। एपीडा (मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज भारत सरकार) के तहत एक्सपोर्ट कम्पनी मेसर्स सुखवीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड द्वारा यह पहला काले चावल का निर्यात हो रहा है।

