मोमिन को कभी मौत नहीं आती राहेखुदा में मरने वाले शहीद होते हैं मौत उस सवारी का नाम है जो दुनियां से आखेरत की तरफ़ ले जाती है . मौलाना मुशाहिद आलम

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

मुल्क का मालिक परवर दिगार है वही जब्बार वही क़हार है

बाराबंकी । मुल्क का मालिक परवर दिगार है वही जब्बार वही क़हार है ।परवर दिगार ने ही मौत ओ हयात को पैदा किया । यह बात कर्बला सिविल लाइन में मज्लिसे चेहलुम बराए ईसाले सवाब मरहूमा नसीम अतहर बिन्ते मो0 अतहर को खिताब करते हुये ।मौलाना मुशाहब आलम ने कही ।उन्होने यह भी कहा कि तालिमाते अहले बैते रसूल की भूखी सारी दुनियां है ।आज सभी इससे फ़ायदा उठाना चाहते हैं । टी वी और मोबाइल का सही इस्तेमाल करें अपने कल्चर की जानकारी कर कामयाब जिन्दगी हासिल करें । जो इस्लाम से दूरी बनाते हैं माद्दियत उन पर हावी हो जाती है और रूहानियत से दूर हो जाते हैं।मौलाना ने ये भी कहा साहबे इल्म बनकर इल्म फैलायें ताकि आने वाली नस्लें गुमरही से बच जाएं ।आदिल खुदा ने मौतो हयात को इस लिये पैदा किया ताकि तुम्हारी आज़्माइस हो सके ।मौत उस सवारी का नाम है जो दुनियां से आखेरत की तरफ़ ले जाती है।मोमिन को कभी मौत नहीं आती राहेखुदा में मरने वाले शहीद होते हैं ।आखिर में कर्बला वालों के मसायब पेश किये जिसे सुनकर सभी रोने लगे ।मजलिस से पहले डा 0रज़ा मौरान्वी ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुए पढ़ा . करबला मक़्तले एहसास में आती ही नहींए लाख अश्कों से वजू करके तुझे सोंचते है । अजमल किन्तूरी ने भी अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुये पढ़ा . क़ूज़ये सब्र गिरा क़ूज़ागरी चीख उठी एएक लम्हे की शहादत पे सदी चीख उठी ।डा 0 मुहिब रिज़वी ने अपने अलग अन्दाज़ में कलाम पेश करते हुये पढ़ा . लफ्ज़ों मे सब्रो ज़ब्त वफ़ा का बयान है ए हर आयते सुखन मेरी गाज़ी के नाम है ।आरिज़ जरगांवी ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुए पढ़ा . बाअमल जिसने गमे शह में गुज़ारी है हयात ए कब्र में उसको ही जन्नत की हवा मिलती है ।मेहदी नक़वी बाराबंकवी ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुये पढ़ा . अंधेरे से उजाले की तरफ़ वो मुझको लाया है ।दिया हक़ का मेरे दिल में ये कैसा जगमगाया है ।हाजी सरवर अली कर्बलाई ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुये पढ़ा . उसको वजूद ए दीन ए रसूल ए खुदा कहो । बाक़ी है जिससे दीन उसे करबला कहो । जो नम किये हुये है दिलों की ज़मीन को । ज़िक्र ए गम ए हुसैन की उसको घटा कहो ।इसके अलावा अयान अब्बास क़ाज़्मी नेभी नज़रानये अवीदत पेश किया।मजलिस का आगाज़ तिलावते कलामे पाक से अयान अब्बास क़ाज़्मी ने किया ।बानिये मजलिस ने सभी का सुक्रिया अदा किया

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