पैगामे इंसानियत के तहत हुआ जश्ने मौलूदे क़ाबा  हज़रत अली इब्ने अबी तालिब  महफिले नूर में बरसे अक़ीदतों के फूल हर मज़हबो मिल्लत ने की शिरकत 

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

हर मजबूर बेसहारा के  मददगार थे मौला अली – अली अब्बास

बाराबंकी । जनपद के कस्बा मौथरी में पैगामे इंसानियत के तहत हुआ जश्ने मौलूदे क़ाबा  हज़रत अली इब्ने अबी तालिब ।महफिले नूर में बरसे अक़ीदतों के फूल हर मज़हबो मिल्लत ने की शिरकत । महफिल को खिताब करते हुये मद्दाहे अह्लेबैत अली अब्बास ने कहा हर मजबूर बेसहारा के  मददगार थे मौला अली ।किसी एक फिर्क़े व कौम के लिए नहीं बल्कि आलमे इंसानियत के लिए मुश्किल कुशा बनाकर खुदा ने भेजा अली ( अ )को उनकी सीरत को जिसने अपनाया मौलाई हो गया। महफिल का आगाज मो0ताहा ने तिलावते क़ुरान से किया।खिताबत से पहले हाजी नसीर अंसारी ,अजमल किन्तूरी ,हाजी सरवर अली कर्बलाई ,सूरजपाल राजवंशी,मुज़फ्फ़र इमाम,सय्यदैन रिजवी,शबी अहमद आब्दी,आक़िल,क़ुमैल अब्बास,जईम काजमी,तालिब आलापुरी,अनवार रुदौल्वी ,अज़ीज़ हैदर “अरशद ” ,हुसैन, नदीम काजमी, अली सादिक़,  रज़ामेहदी, ज़मां, ताहा , हसन,  हादी, समद ने  नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।ताहिर अब्बास ने बेहतरीन निज़ामत के फरायेज़ अंजाम दिये ।सूरज पाल व फाज़िल हुसैन ने मेहमान खुसूसी का इस्तकबाल गुल पोशी से किया ।मुजाहिद हुसैन और फारूक़ अय्यूब एडवोकेट ने अपने तस्सुरात पेश किये  ।
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