बाराबंकी। थाना सुबेहा अन्तर्गत दस माह पूर्व एक नव युवक को जहर देकर मार देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां इतना समय बीत जाने के बावजूद भी सुबेहा पुलिस ने न तो घटना का नामजद मुकदमा ही दर्ज किया है और न ही आरोपियों को पकड़कर उनसे पूछतांछ करने की जहमत ही उठायी है। मृतक के पिता मुकदमा दर्ज कराने के लिये दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। पीड़ित पिता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगायी है। जानकारी के अनुसार, बीती 29 जुलाई 2020 की रात को 8 बजे थाना सुबेहा क्षेत्र के ग्राम पलिया निवासी पवन तिवारी पुत्र शशि करन तिवारी को गांव के ही निवासी शिवकरन, राजू और बालकृष्ण अपने साथ यह कहकर घर से बुला ले गये थे कि मेरे मेडिकल स्टोर पर आज रात को रुक जाओ और वहीं पर सो जाना। हम लोग बाहर जा रहे हैं। चूंकि गांव की बात थी इसलिये पवन ने अपनी पत्नी और अपने पिता को बता करके व इन तीनों व्यक्तियों के साथ मेडिकल स्टोर की दुकान पर सोने चला गया। दूसरे दिन सुबह जब पवन तिवारी घर नही वापस लौटा तो उसके पिता शशिकरन तिवारी और उसकी पत्नी अनीता परेशान हो गये। बाद में जब अपने इकलौते पुत्र की तलाश में शशिकरन तिवारी मेडिकल स्टोर पहुंचे और राजू आदि लोगों से अपने बेटे की जानकारी की तो उन लोगों ने पवन के बारे में कुछ नही बताया। वहीं मेडिकल स्टोर के पीछे स्थित राजू पण्डित की बाग में पवन की लाश पड़ी हुई मिली। मृतक के पिता का कहना था कि उसके बेटे का पूरा शरीर काला पड़ गया था। जिससे लग रहा था कि इन्ही लोगों ने उनके बेटे को जहर देकर मार डाला। बाद में जब इस घटना की जानकारी सुबेहा पुलिस को हुई तो तत्कालीन थाना प्रभारी ने लाश का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। लेकिन मृतक के पिता की तहरीर लेने और मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी शुरु कर दी। चूंकि इकलौते बेटे की मौत के बाद शशिकरन व उसका पूरा परिवार सदमें में चला गया था। लेकिन पुलिस ने इस घटना में कोई भी हमदर्दी नही दिखायी। कई बार पीड़ित शशिकरन ने थाना सुबेहा में जा करके पीएम रिपोर्ट में क्या आया है इसकी भी जानकारी करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने कोई भी जानकारी नही की। कई महीनों तक पीड़ित पिता न्याय पाने के खातिर पुलिस अधिकारियों के चैखटों की गणेश परिक्रमा करता रहा। लेकिन पीड़ित पिता को न्याय नही मिला। बीती 15 मई को पुनः पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपने बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज करके आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं इस सम्बन्ध में जब थाना प्रभारी सुबेहा से बात की गयी तो उनका कहना था कि उक्त मामला मेरे कार्यकाल का नही है घटना का मुकदमा नही दर्ज किया गया है न ही मुझे कोई तहरीर मिली है अगर तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्यवाही की जायेगी।

