अव्यवस्थाओं ने मासूम की जान, दोषियों पर हो कार्यवाही: सिद्धार्थ पीड़ित परिवार की मदद को आगे आए सिद्धार्थ अवस्थी, सीएम व डिप्टी सीएम को लिखा पत्र

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8564852662

बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर स्थित संयुक्त चिकित्सालय में स्वास्थ्य प्रबंधन की बदइंतजामी और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते एक पिता को अपनी नन्ही बेटी को खोना पड़ा। यह स्थिति तब हुई जब कोरोना संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार ने मॉडल अस्पताल बनाकर बेहतर एवं प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लागू कर रखा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की इस घोर अनियमितता से जनमानस को खामियाजा उठाना पड़ रहा है। यह बात एक प्रेस वक्तव्य के जरिए समाजसेवी व भाजपा नेता सिद्धार्थ अवस्थी ने कही। श्री अवस्थी ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाएं तो अच्छी व उपयोगी है परन्तु उनके क्रिन्यान्वन व मूल्यांकन में भारी कमी देखी जा रही है। जिस कारण जनता को उन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से नहीं करते है। सिर्फ सुर्खियों में बने रहना ही उनकी प्राथमिकता है। ऐसे में गरीबों और पीड़ितों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। श्री अवस्थी ने कहा कि चंद दिनों पहले सिरौलीगौसपुर में सौ बेड का संयुक्त चिकित्सालय खोला गया था। जिसके उद्घाटन में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासन का अमला मौजूद था। आज उसी अस्पताल में इलाज के आभाव में ग्राम तासीपुर निवासी संदीप शुल्क की मासूम बेटी ने उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया। श्री अवस्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही करने वाले चिकित्सकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने की भी मांग की है।

स्वास्थ्य अधिकारी सरकार की नीतियां को कर रहे प्रभावित: राजनाथ


बाराबंकी। गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने जनपद में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एवं चिकित्सकों की संवेदनहीनता पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सिरौलीगौसपुर में संचालित संयुक्त चिकित्सालय में इलाज के अभाव में बच्ची की मौत ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। जनपद के स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारी व चिकित्सक सरकार की योजनाओं को लगातार प्रभावित करने का काम कर रहे है। श्री शर्मा ने कहा कि सिरौलीगौसपुर के ग्राम तासीपुर निवासी संदीप शुक्ला की मासूम बच्ची की मौत के जिम्मेदार लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। डाॅक्टरों व स्वास्थ्य सेवा में लगे स्वास्थ्य कर्मियों की अमानवीयता और सेवाहीनता के कारण यदि किसी भी स्थिति में किसी मरीज को जीवन संबंधी या अन्य कोई कठिनाई होती है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दण्ड की व्यवस्था होनी चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि बाराबंकी के मुख्य चिकित्या अधिकारी के पास एक विशाल बंगला होने के बावजूद भी वह रात्रि निवास नहीं करते। यही स्थिति सदर अस्पलात के महिला व पुरूष सी.एम.एस व अन्य चिकित्सक रात्रि में अस्पताल परिसर में उपलब्ध नहीं रहते है। श्री शर्मा ने कहा कि जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और कोरोना की दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद भी मरीजों को उपचार के लिए राजधानी भेजा जाता है। यही नहीं कोरोना संकट के समय जनपद और उसके आस के निजी अस्पतालों में तीन लाख से बीस लाख रूपये तक लोगो से वसूली की गई। निजी अस्पतालों ने पैसा न मिलने पर शवों को रख लिया। ऐसी अमानवीयता समाज में आए दिन देखने को मिलती है। ऐसी स्थिति के लिए जिला प्रशासन एवं जिला स्वास्थ्य के समस्त अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से कैसे बच सकते है। समाजसेवी विनय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्विट करते हुए कहा कि योजनाएं तो अच्छी व उपयोगी होती हैं किन्तु उनके क्रिन्यान्वन व मूल्यांकन में भारी कमी का खामियाजा जनता को भुगतना पडता है। इलाज के अभाव में बच्ची की मौत ने विगत दस दिनों पूर्व खुले संयुक्त चिकित्सालय के उद्धघाटन का उद्देश्य विफल हो गया। जिसके जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि व मुख्य चिकित्साधिकारी और तैनात स्टाफ को दण्डित किया जाना चाहिए। ऐसा न करने से ‘सेवा ही संगठन’ की विचारधारा का दुष्प्रभाव संगठन पर पड़ता है।

खूब वाॅयरल हो रहा वीडियो, सीसीटीवी फुटेज में छिपी है सच्चाई

बाराबंकी। दृदुई घंटा होई गई एक डॉक्टर नाई आवा है कोतवाल साहेब आए है कहत है धैर्य राखव हमारी बिटिया मरिगय हम धैर्य राखी। उक्त बाते कह कह कर मौजूदा सरकार को कोस रहे पीड़ित पिता जो अपनी छह माह की मृत बिटिया को सीने से लगाए था का वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित संयुक्त चिकित्सालय का बताया जा रहा है। जहां पर चोटिल बिटिया को लेकर पिता इलाज कराने के लिए चिकित्सालय पहुंचा था। बताया जा रहा है कि कोतवाली बदोसरांय के ग्राम तहसीपुर निवासी संदीप कुमार शुक्ला अपनी छह माह की बिटिया नित्या को लेकर चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर पहुंचा था लेकिन चिकित्सकों के गायब होने पर इलाज के अभाव में उसकी पुत्री की मौत हो गई जिस पर उक्त पीड़ित पिता ने कसके हंगामा काटा पुलिस के समझाने पर वह अपनी मृत पुत्री को लेकर चला गया। हालाकि इस प्रकरण पर मुख्य चिकित्साधिकारी बाराबंकी का कहना है की छह माह की बच्ची छत से गिरी थी और मृत अवस्था में अस्पताल लाई गई थी चिकित्सक मौजूद थे और परीक्षण के दौरान मृत घोषित कर दिया था। बता दे की कई मीडिया संस्थानों ने इलाज के अभाव में मौत की खबर प्रकाशित की थी जिसे मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निराधार व तथ्यहीन बताया गया है मीडियाकर्मियों ने उक्त प्रकरण की सही से जांच सीसीटीवी कैमरे आदि के माध्यम से करने की मांग की है जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा की डॉक्टर उपस्थित थे या नही व उक्त बच्ची को देखा था की नहीं।

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