बजिला मुख्यालय से दोस्तपुर को जोड़ने वाली सड़क पर एक सप्ताह बाद भी यातायात नही हो सका बहाल
पत्रकार आशीष सोनी अंबेडकर नगर
पत्रकार आशीष सोनी अंबेडकर नगर
अम्बेडकरनगर, 25जून। बजिला मुख्यालय से दोस्तपुर को जोड़ने वाली सड़क पर एक सप्ताह बाद भी यातायात बहाल नहीं हो सका है। जिले की सीमा पर स्थित पुल के पहले सड़क के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण प्रशासन ने आवागमन को बन्द कर रखा है। क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण कार्य जारी है लेकिन इसके बावजूद अभी तक यातायात व्यवस्था बहाल नहीं की जा सकी है। प्रशासन ने अभी केवल दो पहिया वाहनों को ही आने जाने की इजाजत दी है। इस सड़क पर यातायात व्यवस्था बाधित होने के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।कारण की अकबरपुर से दोस्तपुर, कादीपुर, चांदा होते हुए इलाहाबाद व प्रतापगढ़ जाने का यही सबसे नजदीकी रास्ता है । इस रास्ते के बंद हो जाने से लोगों को अब सुल्तानपुर अथवा अन्य रास्ते से होकर प्रतापगढ़ से इलाहाबाद जाना पड़ रहा है। इसके अलावा दोस्तपुर सहित आसपास के लोग दुर्घटनाग्रस्त या बीमार होने पर अंबेडकर नगर के ही जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन रास्ता बाधित होने के कारण उन्हें आने में परेशानी हो रही है। सड़क टूटने की जानकारी मिलने के बाद उपजिलाधिकारी अकबरपुर मोइनुल इस्लाम ने मौके का निरीक्षण किया था तथा उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शीघ्र से शीघ्र सड़क को ठीक करने को कहा था लेकिन विपरीत मौसम के कारण इसमें परेशानी आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उप जिलाधिकारी ने सड़क के किनारे अतिक्रमण कर दुकान बना चुके लोगों को निर्माणाधीन दीवार पर छत न लगाने की कड़ी चेतावनी दी थी लेकिन उन लोगों ने उप जिलाधिकारी के आदेश को दरकिनार कर छत लगवा दिया है । ऐसे में अधिकारियों का आदेश यहां के लोगों के लिए दो कौड़ी का होकर रह गया है। सड़क गिरने के पीछे स्थानीय लोगों द्वारा सड़क से सटाकर पानी के बहाव वाले रास्ते को बंद कर दुकान निर्माण कराया जाना मुख्य कारण बताया जा रहा है। पानी का बहाव न होने से सड़क धंस गई है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने छत न लगवाने की चेतावनी भले ही दिया रहा हो लेकिन यदि ऐसा किया जा रहा है तो कहीं अधिकारियों का ऐसे लोगों को मूक समर्थन तो नहीं है। उल्लेखनीय है कि सड़क के किनारे लोक निर्माण विभाग की ही जमीन में बड़ी संख्या में दुकानों का निर्माण करा दिया गया है। देखना यह है कि प्रशासन का बुलडोजर अवैध दुकानों पर चलता है।

