मोहर्रम का चाँद आया नजर, फिजाओ में गूंजी या हुसैन या हुसैन की सदा जगह जगह मजलिसों का सिलसिला जारी

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

बाराबंकी। मोहर्रम का चाँद नजर आते ही या हुसैन या हुसैन की सदाये फिजा में गूंज उठी, घरों में इमामबाड़ो में ताजिये रखे गये। शिया समुदायों ने काले कपड़े पहनकर कर्बला के बहत्तर शहीदों का गम मनाया जा रहा है। इस साल भी कोरोना महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टसिंग के तहत शिया मुसलमानों ने पहली मोहर्रम को अपने घरो में मजलिस का आयोजन किया। जनपद भर में या हुसैन हाय प्यास की सदाये बुलन्द होने लगी। मजलिसों का सिलसिला देवा रोड स्थित मौलाना गुलाम अस्करी हाल में पहली मजलिस को सय्यद नकी अस्करी ने इमाम हुसैन की ज़िंदगी पर रोशनी डालते हुए कहा कि इमाम हुसैन ने इस्लाम को बचाने के लिये मदीने को छोड़कर कर्बला जाने का रास्ता तय किया, क्योंकि इमाम हुसैन जानते थे कि कर्बला ही है जो जालिम यजीद को बेनकाब किया जा सकता है। दूसरी मजलिस कटरा स्थित इमामिया इमामबाड़े में मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा कि हालात को देखते हुवे आपस मे दुश्मनी को भुलाकर एक होना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि मोहर्रम ग़मो का महीना है इस महीने में सिर्फ इमाम हुसैन का गम होना चाहिये। तीसरी मजलिस जाकिरे एहलेबैत अली अब्बास ने आगा फय्याज अजाखाने में मजलिस को संबोधित किया। वही मोहल्ला रसूलपुर में मोहसिन नक़वी के अजाखाने की मजलिस को सैय्यद तस्लीम मेहदी ने खिताब करते हुवे कहा कि हर दौर में इस्लाम का दुश्मन पैदा हुआ है चाहे सलमान रुश्दी हो या फिर वसीम मुर्तद जिसने कुरान और एहलेबैत कि बेहुरमंती की ये लोग इस्लाम के ही नही इंसानियत का दुश्मन है। श्री मेहंदी ने आगे कहा कि सड़कों पर जुलूस ना निकाला इस बात का सबूत है कि अल्लाह हमारा इम्तेहान ले रहा है। उन्होंने इमाम हुसैन के चाहने वालो को नसीहत देते हुवे कहा कि आप लोग इमाम हुसैन का गम शान्ति ढंग से मनाये और अपने जिले के प्रशासन का सहयोग करे ताकि हम लोगो को कोई दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। अंत मे मौलाना ने कर्बला के शहीदो के पुरदर्द मसायब बयान किये जिसे सुनकर अजादार रो पड़े। इसी तरह सिविल लाइंस वक्फ कर्बला में मौलाना सय्यद मोहम्मद मुस्तफा ने मजलिस को संबोधित करते हुवे कहा कि दुनिया मे जितने भी दहशतगर्द हो वो सभी सीरिया में जमा हो जाये तब देखना हमारे धर्मगुरु के आदेश पर इन सभी दहशतगर्दा का नेस्तानाबूद कर दूँ ताकि बेगुनाहों का खून ना बह सके। वहीं मुगलदरबार स्थित डॉ असद अब्बास के अजाखाने में मौलाना मोहम्मद रज़ा ज़ैदपुरी मजलिस को खिताब करेंगे। इसके अलावा वक्फ तकैय्या बेगम इमामबाडा, बेगमगंज, कंपनीबाग, सिद्दीक नगर, लाइन पुरवा, राफिनगर, अस्करी नगर में देर रात तक मजलिसों का दौर चलता रहा। इसके अलावा ज़ैदपुर, नई सड़क, भानमऊ, सरायमीर, सय्यदबाडा, आलमपुर, असन्द्रा, सिद्धौर, देवा, फतेहपुर, कुर्सी, आलापुर, सफेदाबाद, सतरिख, बदोसराय, किन्तुर, हजरतपुर रामनगर के अलावा पूरे जनपद में सोशल डिस्टसिंग का ख्याल रखते हुवे इमाम हुसैन और कर्बला के बहत्तर शहीदों को पुरसा दिया गया।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

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