तनाव में इन्वेस्टर्स, कम्पनी के कई सदस्य पुलिस के रडार पर, डायरेक्टर जेल में!
बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500
बाराबंकी के बंटी और बबली की फर्जी कम्पनी के निवेशकांे में हड़कम्प!
बाराबंकी। शहर के बंटी-बबली के लखनऊ जेल मंे बंद होने की खबर जब से निवेशकों तक पहुंची है तो खलबली मच गई, और पूर्व से लंबित कई मुकदमों में अब कार्यवाही तेज हो गई है, वही दर्जनों लोग पुलिस के पास पहुंचकर अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज करा रहे हैं। कम्पनी के कई सदस्य पुलिस के रडार पर पहुंच गये हैं जल्द ही गिरेगी इन पर गाज। निवेशकों की जमापूंजी हड़पने वालों हड़कम्प मच गया है। अगर न्यायालय संज्ञान न लेती तो इस कंपनी में निवेश करने वाले लाखों छोटे-बड़े निवेशकों के पैसे डूब जाते। बंटी-बबली के खिलाफ आपराधिक साजिश करने और धोखाधड़ी करने का मामला भी दर्ज कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फर्जी कम्पनियों के फर्जी डायरेक्टर बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले इस समय जेल में हैं। फर्जी कम्पनी के सह अभियुक्त दिनेश यादव, राजेन्द्र मिश्रा मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही हो गये अण्डरग्राउण्ड। मालूम हो कि शहर के प्रमोद कुमार वर्मा पुत्र जगदीश वर्मा व अन्नपूर्णा वर्मा पत्नी प्रमोद कुमार वर्मा निवासी निकट त्रिलोकी कोल्ड स्टोरेज, गायत्री नगर, बाराबंकी जिला कारागार लखनऊ में निरूद्ध हैं, जिन पर मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। निवेश योजनाओं के द्वारा लाखों़ भोले-भाले निवेशकों से धन जुटाया है। गौरतलब है कि पोंजी स्कीम में निवेशकों को दूसरे जमाकर्ताओं से हासिल पैसे से रिटर्न दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों के सामने आने के बाद ही यह पता चल सका कि जो ऊपर दिख रहा बस छोटा सा हिस्सा ही है। जांच सही ढंग से हो जाये तो कई मठाधीश भी जेल की सलाखों के पीछे नजर आयेंगे। जेल में बंद डायरेक्टरों ने पौंजी योजनाओं में जनता का पैसा जमा कर करोड़ों रुपये जुटाए हैं। मजेदार तथ्य यह है कि इस कंपनी के मालिक बंटी और बबली विश्वास कम्पनी को पीछे छोड़ चुके हैं। कंपनी किस कदर झूठ और फरेब का सहारा लेकर तमाम निवेशकों को बेवकूफ बनाया है।
एसटीएस की कई ग्रुप हैं
एसटीएस रियल इस्टेट, एसटीएस प्रा0लि0, एसटीएस निधि लि0, एसटीएस एग्रो प्रोड्यूसर प्रा0लि0, ग्रोअप फ्यूचर टेªडिंग एण्ड इनवेस्टमेंट प्रा0लि0, वेटूस्काई सेल्यूशन एण्ड मार्केटिंग प्रा0लि0, कमफेर हर्बल एण्ड मार्केटिंग प्रा0लि0, रूपेय 50, नैमिष इन्फ्रा रियलटी प्रा0लि0, जे0पी0 फाउन्डेशन, रायल क्यू, स्ट्रीट मार्ट रिटेल प्रा0लि0, पीकेए रियलटी प्रा0लि0 आदि कई फर्जी कम्पनी बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी किया है।
निवेशकों को रखा जाता है धोखे में?
एसटीएस के कामकाज को जानने वाले बताते हैं कि कंपनी में जमीन खरीदने के नाम पर पैसे जमा करने वाले लोगों को फर्जी दस्तावेज दिये जाते हैं अगर कोई ग्राहक यह कहता है कि उसे जमीन के मालिकाना हक के कागजात नहीं मिला तो वह खुद को जमीन का मालिक कैसे कह सकता है तो एसटीएस के लोग कहते हैं कि आप कंप्यूटर से बनाई गई रसीद दिखाकर अपने मालिकाना हक का दावा पेश कर सकते हैं।
फर्जी कम्पनी को असली बताकर किया जाता है निवेशकों को गुमराह
इस कंपनी ने पिछले कुछ अरसे में जो घोटाला किया है, उसकी जानकारी सबको है। लेकिन एक बात जो निवेशक नहीं जानते हैं, वो ये है कि इस कंपनी ने अपने घोटालों पर परदा डालने के लिए कई तरह के प्रपंच रचे हैं। यह कंपनी बताती है उस पर नियम कायदे लागू नहीं होते हैं। बड़े पैमाने पर अपनी ही कंपनी के अंदर ऐसे गोलमाल किए हैं। कंपनी के कुछ एजेंटों, निवेशकों से बात करने पर यह साफ हो गया है कि कंपनी पूरी तरह से फर्जी व पौंजी स्कीम पर आधारित है। कंपनी एजंटों को यही सिखाती है कि वे भोले-भाले लोगों बेवकूफ बनाएं। पैसे दोगुने करने का लालच देकर करोड़ों रुपए डकार चुकी हैं। एजेंट इन किसानों को फांसकर उनके जीवन की गाढ़ी पूंजी हजम कर रहे हैं।
बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

