वजीरगंज में दुकानों को तोड़ने में फिर रोड़ा बन गई सियासत, प्रशासन बैकफुट पर
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984
वजीरगंज के खेल मैदान पर बनीं 22 दुकानों को ध्वस्त किए जाने की स्थानीय प्रशासन की कोशिश में फिर पेंच फंस गया है।
बदायूं। एक बार फिर प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। वजीरगंज के खेल मैदान पर बनीं 22 दुकानों को ध्वस्त किए जाने की स्थानीय प्रशासन की कोशिश में फिर पेंच फंस गया है। सियासत फिर प्रशासनिक मशीनरी पर हावी होती दिख रही है, जिससे साबित होता है कि सियासत में भूमाफिया की कितनी गहरी जड़े हैं। सूत्र बताते हैं कि तहसील स्तर पर दुकानों को तोड़ने की तारीख सात जून तय कर दी गई थी, लेकिन सियासत फिर इसमें रोड़ा बन गई। दुकानें नहीं गिराई गईं
वजीरगंज के खेल मैदान की भूमि पर दुकानों के निर्माण का मसला पुराना है। लगभग तीन साल पहले यहां अवैध कब्जा करके 22 दुकानों का निर्माण कराया गया था। उसके बाद दुकानों को बेच दिया गया। पिछले साल एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया के नेतृत्व में प्रशासनिक मशीनरी ने इन दुकानों को तोड़ने में पूरा जोर लगा दिया था लेकिन तब भी सियासत इसके बीच रोड़ा बनकर आ खड़ी हुई। मोहलत मांगने और फिर शासन तक बात पहुंचने का हवाला देते हुए उस समय मामले को दबा दिया गया। हाल ही में कुछ दिन पहले भूमि पर कब्जा करने वाले भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय पर जमीन कब्जाने के अलग-अलग आठ मामले दर्ज कराए गए। उसे भूमाफिया तक घोषित कर दिया गया। पिछले सप्ताह सभी दुकानों के खरीदारों को नगर पंचायत की ओर से नोटिस जारी किए गए। शुक्रवार को नगर पंचायत ने सभी 22 दुकानों पर ताले डलवाकर उन्हें कब्जे में ले लिया। बताया जाता है कि इस बार तहसील प्रशासन ने दुकानों को ध्वस्त करने की सात जून तारीख तय की लेकिन तिथि फिर निरस्त कर दी गई।
जो हमारे स्तर का मामला और कार्रवाई थी वह हमने कर दी। दुकानों को खाली कराकर उन पर ताले भी लगवा दिए गए और उन पर नोटिस भी चस्पा करा दिए। अब आगे अधिकारियों का जैसा निर्देश मिलेगा, उसके मुताबिक कार्रवाई करेंगे।
– संदीप चंद्रा, ईओ, नगर पंचायत वजीरगंज
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

