डिजिटल इण्डिया ने हमारे काम को कितना सरल बना दिया है: आनंदीबेन पटेल
बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500
राज्यपाल ने मुस्कान ड्रीम क्रिएटिव फाउंडेशन द्वारा ‘डिजिटल शाला प्रोजेक्ट’ का किया लोकार्पण

बाराबंकी। सोमवार को हिन्द मेडिकल कॉलेज सफेदाबाद के ऑडिटोरियम में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मुस्कान ड्रीम क्रिएटिव फाउंडेशन द्वारा ‘डिजिटल शाला प्रोजेक्ट’ का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बाराबंकी के 75 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का संचालन करने के लिए सबसे पहले टीचरों को स्मार्ट क्लास के लिए ट्रेनिंग देनी होगी, इसके साथ ही वहां के बच्चों को भी स्मार्ट क्लास के लिए ट्रेनिंग दी जाये। इसके साथ ही अध्यापक बच्चों पर नजर भी रखें कि उनकी रूचि किस क्षेत्र में है। बच्चों का स्वास्थ्य भी बहुत जरूरी है, विद्यालय में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी टीचर्स को सजग रहने की आवश्यकता है। पौष्टिक आहार बच्चों को मिलना बहुत अधिक जरूरी है। उन्होने आगे कहा कि इससे बच्चों का मानसिक विकास होता है तथा बच्चे कुपोषण से दूर रहते है। जितनी जिम्मेदारी मॉ की होती है उतनी पिता की भी जिम्मेदारी होती है बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि उद्भव योजना के अन्तर्गत 11 सीएचसी में प्रेरणा कैंटीन संचालित की जा रही है। राज्यपाल ने वृद्धाश्रम के लिए 1 लाख 36 हजार 850 रुपये दान स्वरूप भेंट किया। जिला कारागार में बंदी कल्याण के लिए प्रोजेक्टर भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई के साथ ही समस्त प्रकार की शिक्षा में मातृभाषा का उपयोग लाना आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि कोविड कालखण्ड में हम सभी ने अनुभव किया है कि डिजिटल इण्डिया ने हमारे काम को कितना सरल बना दिया है। आज तो हम देखते हैं कि कई लोग अपने घर से ही अपना काम कर रहे हैं। कल्पना कीजिए ये डिजिटल कनेक्ट नहीं होता तो कोरोना काल में क्या स्थिति होती। डिजिटल इण्डिया ने युवाओं की जिन्दगी ही बदल दी है। देश में आज एक तरफ इनोवेशन का जुनून है तो दूसरी तरफ उन इनोवेशन को तेजी से स्वीकार करने का जज्बा भी है। श्रीमती पटेल ने कहा कि मुस्कान ड्रीम सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए डिजिटल सीखने के अवसरों को सक्षम करके और शिक्षकों को डिजिटल प्रणाली में सशक्त बनाकर उनके बीच की दूरी समाप्त करने का समाधान कर रहा है। मुस्कान ड्रीम का उद्देश्य सन् 2025 तक एक मिलियन बच्चों के लिए डिजिटल लर्निंग और कोडिंग को सक्षम करने का लक्ष्य है। डिजिटल शाला शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण पोर्टल है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना और इसे डिजिटल माध्यम से जोड़ना है। इस दौरान श्रीमती पटेल ने बताया कि हमने शिक्षण के नए तरीके ऑनलाइन शिक्षण पद्धति को अपनाना सीख लिया है, जो लंबे समय तक चलने वाला है, क्योंकि इसके अनेक लाभ हैं। ऑनलाइन शिक्षा को आउटकम आधारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाना जरूरी है। टीचर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम, न्यू टेक्नोलॉजी, टीचिंग लर्निंग के क्वालिटी बेंचमार्क बनाकर कार्य किया जाए। मुझे प्रसन्नता है कि हमारी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इन सभी का विशेष ध्यान रखा गया है। जापान और जर्मनी जैसे देश अपनी भावी पीढ़ी को सही ढंग से तैयार करके ही आज की अनुकरणीय स्थिति में पहुंच सके हैं। उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा और अध्यापकों के प्रशिक्षण पर सबसे अधिक ध्यान दिया है। बच्चों को समय का महत्व बताया और परिश्रम की आवश्यकता समझाई। बच्चों के समक्ष देश के लिए अपना बलिदान करने वालों की शौर्य गाथाएं सुनाई। राज्यपाल ने कहा कि भावी पीढ़ी के निर्माता होने के कारण प्रत्येक राष्ट्र को शिक्षकों से बहुत अपेक्षायें होती हैं, उन पर बच्चों के चरित्र निर्माण और विकास को नये आयाम देने की जिम्मेदारी है। इस दृष्टि से हमारे देश में नई शिक्षा नीति-2020 में शिक्षकों के सम्मान और गरिमा के अध्यापकों के प्रशिक्षण पर बहुत जोर दिया गया है। बच्चों के घर की बोली और स्कूल में पढ़ाई की भाषा एक ही होने से बच्चों के सीखने की गति बेहतर होती है। पांचवी कक्षा तक, बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही पढ़ाने पर सहमति की व्यवस्था से बच्चों की नींव तो मजबूत होगी ही, उनकी आगे की पढ़ाई का भी आधार और मजबूत होगा। एक बात मैं और कहना चाहूंगी एक अध्यापक बच्चों के मन में विषय के प्रति लगाव कैसे उत्पन्न कर सकता है, यह विचारणीय प्रश्न है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि इस शुभ अवसर पर भोलेनाथ की पावन धरा पर आपका हार्दिक स्वागत है। मुस्कान फाउंडेशन का धन्यवाद ज्ञापित करता हॅू। कार्यक्रम के दौरान सांसद लल्लू सिंह, अभिषेक दुबे, अवधेश दीक्षित, जिलाधिकारी डॉ आदर्श सिंह, पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स, सीडीओ एकता सिंह, सीएमओ डा. रामजी वर्मा, एसडीएम नवाबगंज सुमित यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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