बाराबंकी। अपने भाई को जेल से रिहा करानेके लिये हाईकोर्टसे जाली आर्डर लाकर कोर्ट में दाखिल करने वाले को अपर जिला जज आनन्द कुमार ने अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। संजय कुमार सिंह बनाम यू पी राज्य नामक क्रिमिनल अपील में पारित निर्णय के अनुसार थाना टिकैतनगर के ग्राम हसौर निवासी अजय सिंह उर्फ बबलू पुत्र राम चरित्र को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर 32 द्वारा 14 जून 2007 को दोष सिद्ध किया गया था। अभियुक्त अजय सिंह की ओर से हाईकोर्ट में अपील नम्बर1375/2007 प्रस्तुतकी गई। अपील के साथ अभियुक्त अजय सिंह की जमानत अर्जी भी प्रस्तुतकी गई।इस जमानत अर्जी को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 16 जनवरी 2008 को खारिज कर दिया था। अभियुक्त अजय सिंह का जमानत आदेश दिनांकित 23 मई 2008 को अजय सिंह के सगे भाई संजय सिंह ने 31 जुलाई 2008 को मय प्रार्थना पत्र व शपथ पत्र सहित अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट 32 के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कार्यालय लिपिक की आख्या के आधार पर जमानत आदेश संदिग्ध होने के कारण उसका सत्यापन हाईकोर्ट से कराने पर जमानत आदेश फर्जी, कूटरचित पाया गया था। इसके बाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आदेशोपरांत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विवेचना उपरान्त अभियुक्त के विरुद्ध भा.द.सं की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत आरोप पत्र कोर्ट पर संजय सिंह व अरुण गुप्ता एडवोकेट के विरुद्ध दाखिल हुआ था। सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सीजेएम ने संजय सिंह को अन्य धारावों में दोष मुक्त कर दिया था। लेकिन धारा 468 में दोषी करार देकर 4 साल के कारावास की सजा से दण्डित किया था। संजय सिंह ने इसके विरुद्ध सत्र न्यायाधीश के समक्ष अपील प्रस्तुत कर अपने को निर्दाेष साबित करने का प्रयास किया। सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश आनन्द कुमार ने सजंय सिंह की ओर से प्रस्तुत अपील खारिज कर दी साथ ही संजय सिंह को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।
बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

