पांच दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन कथावाचक पंडित महेंद्र (मृदुल) ने भगवान श्रीराम एव सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओ को भाव विभोर कर दिया
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705
मसौली बाराबंकी। विकास खण्ड मसौली की ग्राम दहेजिया में चल रही पांच दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन कथावाचक पंडित महेंद्र (मृदुल) ने भगवान श्रीराम एव सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओ को भाव विभोर कर दिया । कथा व्यास ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सोने के मृग मिलने पर भगवान राम और लक्ष्मण वापस पंचवटी पहुंचते हैं,जहां रावण के सीता हरण के बाद भगवान राम व्याकुल होकर सीता की खोज करते हुए सबरी की कुटिया पहुंच जाते हैं। सबरी उनको अपने जूठे बेर खिलाती है। आगे जाने पर उनकी हनुमान और सुग्रीव से मित्रता हों जाती है। सुग्रीव भगवान राम को अपने भाई के द्वारा किए गए अत्याचारों से अवगत कराता है। भगवान राम के कहने पर सुग्रीव अपने बड़े भाई बाली को युद्ध करने के लिए ललकारता है। प्रथम बार में सुग्रीव बाली से मार खा कर चला आता है। इससे भगवान राम सुग्रीव को दोबारा युद्ध करने के लिए भेजते हैं। दूसरी बार पेड़ की आड़ में छिपकर वध कर देते हैं। और सुग्रीव भगवान श्रीराम के भक्त बन जाते है।

कह सुग्रीव सुनहु रघुवीरा । तजहु सोच मन आनहु धीरा।। सब प्रकार करिहउँ सेवकाई ।जेहि बिधि मिलिहि जानकी आई ।। कथावाचक पंडित महेंद्र (मृदुल) ने कहा क़ि सुग्रीव ने भगवान श्रीराम से कहा कि हे रघुवीर सोच छोड़ दीजिए और मन में धीरज लाइए मैं सब प्रकार से आपकी सेवा करूंगा जिससे आपको जानकी जी मिल जाय। दोश तीन कर दो अलग मतलब लालच दाम।। दो तन आत्मा एक हो दोस्ती उसका नाम ।।इसी प्रकार मनुष्य के जीवन में मित्रता एक ऐसा संबंध है, जो मनुष्य के जन्म के साथ शुरू नहीं होता है, लेकिन मनुष्य के मरते दम तक वो सम्बन्ध मनुष्य को बांधे रहता है| परमेश्वर, मन सम्बन्ध के साथ जोड़ कर भेजता है, लेकिन सिर्फ एक सम्बन्ध है जिसे बनाने काहक वो मनुष्य को देते है| दुनिया में हर सम्बन्ध बनाने के पहले मनुष्य उसकी जाति, धर्म, घर, व्यापार देखता है, लेकिन मित्रता के लिए ये सब नहीं देखा जा सकता है. मित्रता दिल से दिल को जोड़ती है. मित्रता के उदाहरण कई युगों से मिलते आ रहे है । भागवत कथा का समापन हवन यज्ञ और भंडारे के साथ किया गया। कथास्थल पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले हवन यज्ञ में आहुति डाली और फिर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया। इस मौके पर अनिल कुमार वर्मा, सचिन कुमार, दीपांशु वर्मा, सुनील कुमार, अंशु वर्मा, शहजराम वर्मा, आशाराम सहित भारी संख्या भक्तगण मौजूद रहे।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

