पति-पत्नी का एक-दूसरे पर भरोसा नहीं , तो वैवाहिक जीवन में अशांति होना तय………
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705
मसौली बाराबंकी। कस्बा मसौली के मोहल्ला भुलीगंज में चल रही भगवतकथा मे मोथरी से पधारी परम विदुषी कथवाचिका संगीता शास्त्री ने भक्तो से कहा कि विश्वास हर रिश्ते की जड़ होती है जब पति-पत्नी का एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते हैं तो वैवाहिक जीवन में अशांति होना तय है। इसीलिए पति-पत्नी को एक दूसरे को हर बात बताना चाहिए ताकि दोनों के बीच भरोसा बना रहे। विश्वास का महत्व समझाने के लिए श्रीरामचरित मानस में शिव-सती का एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शिव और सती अगस्त ऋषि के आश्रम में रामकथा सुनने गए , सती को यह थोड़ा अजीब लगा कि श्रीराम शिव के आराध्य देव हैं। सती का ध्यान कथा में नहीं लगा और वह यह सोचतीं रहीं कि शिव तो तीनों लोकों के स्वामी हैं, वे श्रीराम की कथा सुनने के लिए क्यों आए हैं। कथा समाप्त हुई और शिव-सती वापस कैलाश पर्वत लौटने लगे। तभी रावण ने माता सीता का हरण किया था, श्रीराम, सीता की खोज में थे। सती को यह देख आश्चर्य हुआ कि शिव आराध्य देव एक स्त्री के वियोग में साधारण इंसान की तरह रो रहे हैं। सती ने शिवजी के सामने ये बात कही तो शिव ने समझाया। यह सब श्रीराम की लीला है। भ्रम में मत पड़ो, लेकिन सती नहीं मानी और शिवजी की बात पर विश्वास नहीं किया। सती ने श्रीराम की परीक्षा लेने की बात कही तो शिवजी ने रोका, लेकिन सती पर शिवजी की बात का कोई असर नहीं हुआ। सती, सीता जी का रूप धारण करके श्रीराम के सामने पहुंच गईं। श्रीराम ने सीता जी के रूप में सती को पहचान लिया और पूछा कि हे माता, आप अकेली इस घने जंगल में क्या कर रही हैं शिवजी कहां हैं जब श्रीराम ने सती को पहचान लिया तो वे डर गईं और चुपचाप शिव के पास लौट आईं। शिव सब समझ गये इस कारण शिवजी ने मन ही मन सती का त्याग कर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रसंग से विश्वास के महत्व को समझा जा सकता है। कई बार पत्नियां पति की और पति, पत्नी की बात पर विश्वास नहीं करते। इसका नतीजा यह होता है कि रिश्ते में बिखराव आ जाता है।इस मौक़े पर राजेंद्र कुमार वर्मा राकेश वर्मा विक़म यादव लालबहादुर राजू यादव रामकुमार वर्मा हनुमान गौतम आदि भक्त मौजूद रहे ।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

