केंद्रीय योजनाओं के लिए यूपी को मिले थे 28,980.96 करोड़, खाते में ही पड़े रहे; नहीं किए जा सके खर्च

समाचार एजेंसी न्युज एसएम न्युज24 टाइम्स सुपर फास्ट मिडिया के साथ उत्तर प्रदेश

केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्य को मिले 28,980.96 करोड़ रुपये पिछले वर्ष खर्च नहीं किए जा सके। यह जानकारी सदन में गुरुवार को पेश की गई सीएजी की रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि केंद्र से मिली संबंधित राशि 31 मार्च 2023 तक एकल नोडल एजेंसी (एसएनए) के खाते में ही थी। यह राशि केंद्र सरकार ने प्रायोजित योजनाओं के लिए जारी किए थे। सीएजी रिपोर्ट में सशर्त अनुदान के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करवाने में गड़बड़ी का भी उल्लेख किया गया है। वर्ष 2001 से लेकर सितंबर 2021 तक 19,981.24 करोड़ रुपये का सहायता अनुदान राज्य सरकार ने जारी किया था। इससे संबंधित 30,906 उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा ही नहीं किए गए हैं। सशर्त अनुदान योजना के तहत उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करवाना जरूरी होता है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग निधि के खाते में 111.14 करोड़ रुपये जमा न किए जाने पर भी सवाल उठाया गया है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 103 के अनुसार आयोग के खाते में अनुदान सहित विभिन्न शुल्क व अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाली राशि को रखे जाने का प्रविधान है, लेकिन सरकार ने आयोग की निधि का गठन नहीं किया था। 31 मार्च 2023 तक 111.14 करोड़ की राशि राज्य के खाते से बाहर रखे जाने की व्यवस्था को सीएजी ने गलत बताया है। रिपोर्ट में राज्य के सार्वजनिक क्षेत्रों के उद्यमों (एसपीएसइ) द्वारा निर्धारित समय में वित्तीय विवरण न प्रस्तुत करने को लेकर भी सवाल उठाया गया है। राज्य में 113 एसपीएसइ हैं। इनमें से छह निगमों के अलावा 86 सरकारी कंपनियां व सरकार नियंत्रित 21 कंपनियां शामिल हैं।

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