ईरान और अमरीका के बीच तनाव चरम पर, ईरानी बोट्स को निशाना बनाने के आदेश के बाद ट्रम्प की दूसरी धमकी

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

कोरोना वायरस महामारी के बावजूद, वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने फ़ार्स खाड़ी में मौजूद अमरीकी बलों को ईरानी सैन्य स्पीड बोट्स पर फ़ायर करने का आदेश दे दिया है, अगर वे उनके लिए कोई जोखिम उत्पन्न करती हैं।बुधवार को व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान ट्रम्प ने कहाः अगर वे ऐसा करते हैं तो हम खड़े होकर तमाशा नहीं देखेंगे। वे हमारे युद्ध पोतों और हमारे महान चालकों तथा नाविकों को ख़तरे में डाल रहे हैं, मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। हम और हमारे लोग उन्हें शूट कर देंगे और पानी से निकाल बाहर निकाल फेकेंगे। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या इसका मतलब, वर्तमान में प्रभावी नियमों (आरओई) में यह कोई बदलाव है।

ट्रम्प ने एक बार फिर ईरानी नौसेना पर फ़ार्स खाड़ी में तैनात अमरीकी नौसैनिकों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले सप्ताह पेंटागन के इन आरोपों के बाद कि ईरानी सैन्य स्पीड बोट्स अमरीकी युद्धपोत के बहुत निकट पहुंच गई थीं, मंगलवार को फिर एक घटना हुई।
उसके बाद, ट्रम्प ने मंगलरवार को ही एक ट्वीट करके फ़ार्स खाड़ी में गश्त करने वाली ईरानी सैन्य स्पीड बोट्स पर फ़ायरिंग की धमकी दी थी। लेकिन इसके परिणामस्वरूप उन नियमों के बारे में काफ़ी भ्रम पैदा हो गया, जिनके तहत ट्रम्प ने अमरीकी युद्धपोतों को फ़ायरिंग की अनुमति दी है।
पिछले बुधवार को पेंटागन ने दावा किया था कि ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी की 11 स्पीड पोस्ट ने छह अमरीकी जहाज़ों के बहुत ही निकट होकर उन्हें गंभीर में ख़तरे में डाल दिया था। पेंटागन का दावा था कि यह स्पीड बोट्स यूएसएस लेविस-बी के 45 मीटर और कोस्टगार्ड कटर यूएससीजीसीजी मायू के नौ मीटर तक निकट आ गई थीं।
हालांकि तेहरान ने अमरीकी दावे को झूठा बताते हुए इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया। तेहरान का कहना है कि अमरीका, फ़ार्स खाड़ी में समुद्री नियमों और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है और उन पर पर्दा डालने के लिए इस तरह की कहानियां गढ़ रहा है।

Don`t copy text!