मेंथा फैक्ट्री हादसे मैं तीन सुरक्षा गार्ड की मौत। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक पर मुकदमा लिख फैक्ट्री को किया सीज
मुकीम अहमद अंसारी
उझानी – बदायूं जिले के उझानी में मेंथा फैक्ट्री एक बार फिर विवादों में है फैक्ट्री में तीन सुरक्षा गार्डों की संदिग्ध परिस्थियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया परिजन फैक्ट्री पहुँचे औऱ जमकर हंगामा किया है मौके पर पहुंची पुलिस नें जैसे तैसे लोगों को शांत कराया औऱ शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। बीते साल इस फैक्ट्री मे भीषण आग लगने के बाद प्रशासन द्वारा इसको सील किया गया था। लेकिन इसके बाबजूद यहाँ काम चल रहा था। अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेन्द्र द्विवेदी ने बताया तीन गार्ड फैक्ट्री मे बने कमरे मे अंगेठी से ताप रहे थे और दरवाजा बंद होने के कारण उनका दम घुट गया।
उझानी कस्बे के दिल्ली हाईवे पर स्थित मैथा आयल फैक्ट्री में उस वक्त हड़कंप मच गया जब फैक्ट्री के तैनात तीन गार्ड के कमरे में बेहोशी की हालात में मिले जिनमें से दो की मौत हो चुकी थी एक की हालात गंभीर देखते हुये उसे ईलाज के लिये मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया जहा डाक्टरों द्वारा उसे भी मृत घोषित कर दिया गया बताया जा रहा है जुगेन्द्र ,भानु औऱ विवेक मेंथा आयल फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड के पद तैनात थे देर शाम वह फैक्ट्री परिसर में बने गार्ड रूम में कोयले वाली अंगीठी जलाकर कमरा बंद कर सो गये थे सुबह तीनों अचेत हालात में मिले बाद में तीनों की मौत हो गयी सूचना के बाद मौके पर पुलिस औऱ परिजन पहुँच गये परिजनों नें जमकर हंगामा किया है। परिजनों ने बताया की ये लोग सुबह 6 बजे मरे हुए अवस्था मे मिले इनके साथ क्या हुआ इसकी कोई जानकारी नहीं हैँ।हालाँकि स्थानीय लोग और परिजन गार्डो के साथ मारपीट और उनकी हत्या का आरोप लगा रहे हैँ उनका कहना हैँ कि कमरे मे ना कोई अंगेठी थी ना हीटर फिर दम कैसे घुट गया। सभी के दाँत टूटे हुए हैँ सर पर चोटों के निशान हैँ अंदर सरिया भी मिली है। बंद फैक्ट्री मे अबैध काम होता था जिसकी जानकारी तीनो को लग गयी थी इसी के चलते फैक्ट्री मालिक ने उनकी हत्या कराई हैँ। हादसे की सूचना पर आला अधिकारी मौके पर पहुचे और आक्रोशित परिजनों को समझाया।
पुलिस अधीक्षक नगर विजेंद्र कुमार ने बताया की परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं मे फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया जा रहा है।
फैक्ट्री के अंदर मुख्य गेट पर बने कमरे मे सिक्योरिटी गार्ड के बैठने और लेटने का कमरा है जिसमे कुछ बिस्तर और तख़्त थे लेकिन वहां कोई अंगेठी या हीटर नहीं था जिससे दम घुट गया हो। फैक्ट्री सील होने के बाद भी उसमे काम हो रहा था सैकड़ो मेंथा के ड्रम नयी तारीख के रखे थे और अंदर लोडर वाहन भी खड़े हुए हैँ। ऐसे मे सवाल यह उठता हैँ कि क्या बाकई तीनो गॉर्ड की साजिश के तहत हत्या कराई गई है और सील फैक्ट्री मे काम किसके आदेश से चल रहा था।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

