जरीफनगर/उसावां, बदायूं।कानून के रखवालों जब खुद ही खाकी को दागदार करने लगें, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? बदायूं जिले में तैनात दरोगा धर्मवीर सिंह की कार्यशैली इन दिनों खाकी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार होकर सलाखों के पीछे जा चुके इस ‘दागी’ दरोगा का दातागंज सर्किल से मोह छूटने का नाम ही नहीं ले रहा है। जेल से छूटने के बाद जिस तरह जुगाड़ के दम पर फिर से मलाईदार चौकी पर तैनाती हासिल की गई, वह पूरे महकमे की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा रहा है।
10 हजार की रिश्वत में हुए थे गिरफ्तार
मामला 11 जुलाई 2024 का है, जब जरीफनगर थाना क्षेत्र की दानपुर चौकी पर तैनात इंचार्ज धर्मवीर सिंह को बरेली एंटी करप्शन टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा था। एक पीड़ित से मामले में मदद करने के एवज में घूस मांगी गई थी। एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से केमिकल लगे नोट भिजवाकर दरोगा को रंगे हाथ दबोचा, जिसके बाद उनके हाथ धुलवाते ही पानी गुलाबी हो गया। आरोपी दरोगा के खिलाफ मुजरिया थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
जेल से बाहर आते ही चालू हुआ ‘जुगाड़ तंत्र’
जेल जाने से पहले भी दरोगा लंबे समय तक थाना हजरतपुर में तैनात रह चुका था। जमानत पर रिहा होने के बाद दरोगा धर्मवीर सिंह ने अपने ‘जुगाड़ तंत्र’ को फिर सक्रिय किया। बहाली मिलते ही पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराई और अपनी सेटिंग के बल पर पहले थाना उसावां और फिर गूरा चौकी क्षेत्र में अपनी पोस्टिंग करा ली।
सूत्रों के मुताबिक, भ्रष्टाचार में लिप्तता को देखते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष वीरपाल सिंह तोमर ने शुरुआत में इन्हें किसी क्षेत्र का प्रभार नहीं दिया था। लेकिन तिकड़म और जुगाड़ के दम पर आखिरकार धर्मवीर सिंह हल्के का चार्ज हथियाने में कामयाब रहे। चार्ज मिलते ही साहिब ने अपनी ‘पुरानी कार्यशैली’ के तहत जमकर वसूली का खेल शुरू कर दिया।
पब्लिक से बदसलूकी और अनैतिक काम
स्थानीय सूत्रों की मानें तो दरोगा धर्मवीर सिंह का जनता के साथ व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना और अशिष्ट रहा है। इतना ही नहीं, थानाध्यक्ष के संज्ञान में लाए बिना क्षेत्र में कई अनैतिक गतिविधियों को बेधड़क संचालित कराया जा रहा था। भ्रष्टाचार और शराब के नशे में धुत रहने की शिकायतों के बीच अब देखना यह होगा कि मामला उच्चाधिकारियों की चौखट तक पहुंचने के बाद इस दागी दरोगा पर क्या कड़ा एक्शन लिया जाता है, या फिर इसका ‘जुगाड़’ खाकी के इकबाल पर भारी पड़ता रहेगा।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

