खतरे में तालाबों का अस्तित्वं

शमीम अंसारी बाराबंकी: एसएम न्यूज24टाइम्स

हैदरगढ़, बाराबंकी। एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा तालाबों को मूल रूप में लाने के लिए युद्ध स्तर अभियान चलाकर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है यहीं नहीं सुप्रीम कोर्ट की सख्ती एवं स्पष्ट आदेश के बावजूद भी जिम्मेदार इसे अनसुना कर रहे है। जिम्मेदारों की घोर लापरवाही का नतीजा है कि जिले में धीरे-धीरे तालाबों का अस्तित्व खतरे में दिखाई दे रहा है। वहीं इन सभी आदेशों को ताख पर रखकर ब्लॉक सिद्धौर की ग्राम पंचायत मिर्चिया में पंचायत सचिव की सरपरस्ती में प्रधान का एक बड़ा कारनामा सामने आया है, चैंकिए मत यहाँ प्रधान ने तालाबी भूमि पर शौचालय बनवा दिया है। पंचायत सचिव व प्रधान के इस कारनामे की शिकायत एक एक अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से कर कार्यवाई की माँग की है। जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में शेषपुर जाहिद अली निवासी अधिवक्ता राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि हमारी ग्राम पंचायत शेषपुर जाहिद अली के तालाबी गाटा संख्या 270 के पूर्वी एवं उत्तरी सरहद पर ग्राम पंचायत मिर्चिया के शौचालय बनवा दिए गए है। जबकि वर्ष 2016 में माननीय उच्च न्यायालय में हमने यचिका दायर कर अपने गांव स्थित उक्त तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ खुदाई कराने की याचिका दायर की थी, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने आदेश भी दिया था। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान ने मिलकर उसी तालाबी रकबे में शौचालय बनवा दिए जो अनुचित एवं गलत है दूसरे गांव की तालाबी भूमि पर दूसरे गांव के लोगों का शौचालय बनवाना विधि-विरूद्ध है। जिसको लेकर शिकायकर्ता ने जिलाधिकारी से शिकायत कर तालाबी भूमि से अवैध शौचालय हटवाने के साथ सरकारी धन की रिकवरी भी कराने की माँग की है।
शमीम अंसारी बाराबंकी: एसएम न्यूज24टाइम्स

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