क्या इस्राईल पर नेतनयाहू की पत्नी राज कर रही हैं? जांचकर्ता का दावा कि नेतनयाहू कंजूस, झूठे और रिश्वतख़ोर इंसान!
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
इस्राईली मीडिया में लगातार प्रधानमंत्री नेतनयाहू के बारे में नई नई रिपोर्टें आ रही हैं और उनमें नेतनयाहू के बारे में नए नए ख़ुलासे किए जा रहे हैं। ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि नेतनयाहू झूठे इंसान हैं और वह बड़े फ़ैसले अपनी पत्नी सारा और बेटे याईर के निर्देशों के अनुसार लेते हैं।
इस्राईल के वरिष्ठ टीकाकार अमनून अबरामोवित्ज़ ने इस्राईल के चैनल12 पर बोलते हुए कहा कि कई बार यह हुआ कि नेतनयाहू ने पत्रकार सम्मेलन में किसी मामले में किसी फ़ैसले का एलान किया मगर घर जाने के बाद उन्होंने अपना फ़ैसला बदल दिया।नेतनयाहू के बारे में यह बात भी आम है कि वह बड़े चरित्रहीन इंसान हैं। 1996 में चुनाव से पहले उन्होंने सेक्स स्कैंडल का पर्दाफ़ाश हो जाने के बाद यह बात क़ुबूल की कि एक इस्राईली महिला से उनके नाजायज़ संबंध हैं मगर साथ ही उन्होंने स्कैंडल से जुड़ी आडियो क्लिप लीक करने वालों और गवाहों पर बहुत से आरोप लगाए। नेतनयाहू ने उस समय अपनी पत्नी और दोनों बेटों याईर और अफ़नीर से माफ़ी मांगी थी।
इस्राईली अख़बार हाआरेत्ज़ ने नेतनयाहू के भ्रष्टाचार की जांच करने वाले अफ़सर का बयान प्रकाशित किया जिसमें बताया गया कि नेतनयाहू रिश्वतख़ोर हैं और धोखाधड़ी का कोई मौक़ा नहीं चूकते। अफ़सर के अनुसार नेतनयाहू के पास 17 मिलियन डालर से ज़्यादा की दौलत है मगर वह बेहद कंजूस व्यक्ति हैं और कंजूसी की यह आदत उनके पूरे परिवार के अंदर है।अफ़सर ने कहा कि जांच के दौरान अलग अलग मामलों में यह बात सामने आई कि नेतनयाहू झूठ बोलने से नहीं हिचकिचाते। अफ़सर के अनुसार नेतनयाहू के रिश्वत लेने का अंदाज़ यह है कि वह करोबारियों से कहते हैं कि उनकी पत्नी सारा को महंगे उपहार दें।
इस्राईल के चैनल 12 ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कोरोना वायरस के बारे में नेतनयाहू की नीतियों की कड़ी आलोचना की जा रही है क्योंकि इस्राईल को दूसरी बार संपूर्ण लाकडाउन का एलान करना पड़ा जिसकी दुनिया में कोई और मिसाल नहीं है। इसके अलावा इमारात और बहरैन के साथ इस्राईल के शांति समझौते की भी आलोचना की जा रही है कि इस प्रकार के समझौते तो दुशमनों से किए जाते हैं, इमारात और बहरैन तो वर्षों पहले से इस्राईल के मित्र हैं।इन हालात में यह सवाल उठ रहा है कि क्या नेतनयाहू आगे भी इस्राईल की सत्ता में बने रह पाएंगे?

