दुनियां की दौलत व शोहरत की लालच में बह कर गुमरही का शिकार न हो , कामयाबी चाहिए तो मारेफत हासिल करो
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211
अहलेबैत की मोहब्बत अपनाओ , दुनियां और आखेरत दोनो में कामयाबी पाओ- मौलाना हिलाल अब्बास
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बाराबंकी । बुग्ज़ , हसद , कीना से अपने को बचाओ। अहलेबैत की मोहब्बत को अपनाओ । हसद नेकियों को ऐसे खा जाती है जैसे आग लकड़ी को खा जाती है । दुनियां की दौलत व शोहरत की लालच में बह कर गुमरही का शिकार न हो।कामयाबी चाहिए तो मारेफत हासिल करो।आले मोहम्मद के इश्क में जो मार जाता है वो शहीद होता है । शहीद ज़िन्दा होता है वो अपने परवर दिगार से रिज़्क़ पाया करता है । यह बात मजलिस ए देसा बराये ईसाले सवाब क़ाज़िम हुसैन इब्ने नाज़िम हुसैन को खिताब करते हुये आली जनाब मौलाना हिलाल अब्बास ने मौलाना गुलाम अस्करी हाल में कही । मौलाना ने आगे कहा जिसे तौफीक़े इलाही मिल जाती है उसे सब कुछ मिल जाता है।अहलेबैत की मोहब्बत अपनाओ , दुनियां और आखेरत दोनो में कामयाबी पाओ। आखिर में कर्बला वालों के मसायब पेश किए जिसे सुनकर सभी रोने लगे ।मजलिस से पहले मुज़फ्फ़र इमाम ने बेहतरीन कलाम पढ़ा- पूरी यज़ीदियत को मिटाने के वास्ते,कर्बोबला का परदे में एक विरसादार है । हाजी सरवर अली कर्बलाई ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुए पढ़ा-मुस्कुरा कर कह रही है हमसे असग़र की हंसी , हश्र तक होता रहेगा तज़केरा बेशीर का । अली गंगोलवी ने नज़रानये अक़ीदत पेश करते हुए पढ़ा-दोज़क में जले तू आतिश से दुनियां मे जले तू मातम से , ऐ मुन्किरे मातम तेरे लिये शमशान बदलते रहते हैं। आरिज़, मसीहा , कियान अब्बास व अरबाब ने भी नज़रानए अक़ीदत पेश किया। तिलावते कलामे इलाही से मजलिस का आगाज़ हुआ । बानिये मजलिस ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

