रामनगर सीएचसी पर डॉक्टर नही, न ही कोई सुविधा

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

मरीज परेशान कोई सुनने वाला नहीं

रामनगर बाराबंकी। तहसील मुख्यालय की सीएचसी रामनगर बदहाली के दौर से गुजर रही है। यंहा डॉक्टर तक नही है। फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय के सहारे चलाई जा रही। रामनगर सीएचसी की हालत इस कदर दयनीय है की यंहा की इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था भी बिगड़ गई है। आने वाले इमरजेंसी मरीजो के लिए न तो सीएचसी में शुगर की जांच होती है न ही वीपी की। रात में तो सब बन्द रहता केवल रिफर किया जाता। यंहा किसी प्रकार का इलाज ही नही मिलता। बस ग्लूकोज लगाकर वार्ड बॉय व फार्मासिस्ट तुरन्त जिला अस्पताल रिफर कर अपना पल्ला झाड़ते हैं। कोई डॉक्टर दिन क्या रात में नही रहता। किसी की जान जाए स्वास्थ्य विभाग का क्या जाता रू किसी को इमरजेंसी में हल्का इलाज मिल जाय तो उसकी जान बच सके लेकिन यंहा की इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार न मिल पाने से मरीजो की जान पर बन आती है। किसी की जान जाय उसकी कोई कीमत नही। सीएमओ से लेकर डीएम तक कुछ नही कर पा रहे हैं जब कि यह तहसील मुख्यालय पर हाइवे किनारे की महत्ववपूर्ण सीएचसी है।रामनगर सीएचसी के अधीक्षक डॉ हरिशंकर कोरोना पॉजिटिव थे जो ठीक हो गए हैं लेकिन अभी आते नही है। एक आयुष डॉक्टर ज्ञानेंद्र भारती हैं जो कागजी कोरम पूरा करते हैं। रात में कोई डॉक्टर नही रहता।इमरजेंसी बार्ड बॉय देखते हैं।यंहा की प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजो को कोई इलाज नही मिल पा रहा है। औसतन इमरजेंसी से 100 में 90 मरीज रिफर किए जाते हैं। शुगर व वीपी तक नापा नहीं जाता रू यंहा पर यदि कोई मरीज रात में पंहुचा तो इमरजेंसी में न तो उसकी बीपी देखी जाती न ही शुगर। कोई दवा भी नही दी जाती। तुरन्त उसके ग्लूकोज टांग कर जिले पर भेज डियूटी पूरी कर ली जाती। यदि किसी मरीज की शुगर लो हो गई है और उसकी जांच के बाद इलाज भी सीएचसी पर सम्भव है फिर भी उसे इलाज नही मिलता। यह लापरवाही होती है।

डॉक्टर नही तो कैसे चलेगा कोविड वार्ड

डॉक्टर विहीन सीएचसी पर लापरवाह कर्मियों के बीच ऑक्सीजन कॉन्सट्रक्टर लगा कर उसे कोविड वार्ड का नाम दिया गया है लेकिन उसे चलाएगा कौन यह सवाल बना है। यंहा आए मरीज को देखेगा कौन इसकी व्यवस्था नही की गई। जब डॉक्टर व दवा तथा जांच ही इमरजेंसी पीरियड डियूटी में नही तो इसका क्या फायदा।स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में सरकार की सख्ती का भी इस सीएचसी पर कोई असर नही है। आम जनता स्वास्थ्य सेवा पाने को तरस रही। हद तो यह है कि बीते सप्ताह यंहा न तो सेनेटाइजर था न ही मास्क व ब्लीचिंग व कीटनाशक दवा। किसी तरह काम चलाया गया। इन समस्याओं से सहज अंदाजा लगाया जा सकता कि जिले के सीएमओ व डीएम यंहा कितना ध्यान दे रहे। कस्बे के चेयरमैन बद्री विशाल त्रिपाठी, सभासद अवनीश मिश्र, शुभम जायसवाल, के.डी. खान, विमलेश कुमार, रवि कांत पांडेय ने डीएम व स्वास्थ्य महानिदेशक से रामनगर सीएचसी की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

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