उत्तर प्रदेश में 2004 के बाद शादी करने वालों से मांगा गया घोषणा पत्र,अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक को भरकर देनी होगी पूरी जानकारी
रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500
अगर आप सरकारी सेवा से जुड़े हैं। अधिकारी हैं या कर्मचारी या फिर अन्य किसी भी पद पर और 2004 के बाद शादी हुई है तो आपको घोषणा पत्र देना होगा कि शादी के समय दहेज लिया या नहीं लिया। सूबेभर में अफसरों से लेकर कर्मचारी तक से यह जानकारी मांगी गई है। अलीगढ़ जनपद में करीब 45 विभागों को महिला कल्याण विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया है।महिला एवं बाल कल्याण विभाग के निदेशक की ओर से सभी जिलों को एक पत्र भेजा गया है। इसमें उन कर्मचारियों व अफसरों से दहेज का ब्योरा मांगा गया है, जिनका विवाह 2004 के बाद हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नया नियम लागू किया है। नियमानुसार कर्मचारियों को एक घोषणा पत्र जमा करना होगा। घोषणा पत्र में कर्मचारियों को बताना होगा कि उन्होंने अपनी शादी के दौरान दहेज लिया था या नहीं। जिन सरकारी कर्मचारियों की शादी 31 अप्रैल 2004 के बाद हुई है उनके लिए यह घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। अगर कोई सरकारी कर्मचारी घोषणा पत्र जमा नहीं कराता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दरअसल यूपी सरकार की तरफ से सामाजिक बुराई दहेज प्रथा को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश दहेज प्रतिषेध नियमावली, 1999 बनाई गई थी। नियमावली में 31 मार्च 2004 को उत्तर प्रदेश दहेज प्रतिषेध नियमावली 2004 में पहला संशोधन किया गया था। इस नियमावली के तहत नियम-5 में यह प्रावधान किया गया था कि प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को अपनी शादी के समय अपने नियुक्त अधिकारी को एक स्व-हस्ताक्षरित घोषणा करनी होगी, जिसमें वह यह घोषणा करेगा कि उसने अपनी शादी में कोई दहेज नहीं लिया है।रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

