मसौली बाराबंकी। बुधवार की शाम से शुरू हुई तेज बरसात ने आलू, सरसों की खेती करने वाले किसानों के अरमानों पर तुषारापात कर दिया। क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल खेतों में धराशायी हो गई है। जिससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका से किसान चिंतित है। बीते 24 घण्टे से बेमौसम लगातार हो रही बारिश से रबी की अधिकांश फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। सरसों, राई, आलू की एव सब्जी की फसले खास तौर पर प्रभावित हुई है। हालांकि गेहूं और आम की फसलों के लिये बारिश मामूली तौर पर लाभकारी साबित हो रही है, लेकिन अधिक बारिश होने पर गेहूं के पौधों के कमजोर होकर गिर जाने की आशंका बनी हुई है। इसके अतिरिक्त मसूर, चना व मटर की फसलों को अधिक बारिश होने पर नुकसान होगा। कृषि जानकारों का कहना है कि अगर जल्द ही बारिश नहीं थमती है, तो रबी की सभी फसलों पर असर पड़ेगा। इससे उनकी पैदावार भी प्रभावित होगी। क्षेत्र के किसानों ने इस वर्ष रबी की फसलों में मुख्य रूप से गेहूं, सरसों, राई, चना, मटर, मसूर की बोआई की है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश किसानों के लिये चिंता का सबब बन गई है। सर्वाधिक नुकसान सरसों व आलू की फसलों को हो रहा है। बारिश की फुहारों व तेज पछुआ हवा से सरसों की फसले खेतो में गिर गई है। आलू की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। लगभग तैयार हो चुकी आलू की फसल में झुलसा रोग लग रहा है। खेतों में पानी भरने से आलू के सड़ने का खतरा भी मंडराने लगा है। इसके अतिरिक्त सब्जियों में मूली, गोभी, टमाटर व बैंगन की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसान विश्वनाथ त्रिवेदी ने बताया बारिश होने के कारण सरसों की अधिकांश फसलें गिर गयी हैं। खेतों में पानी भरा होने के कारण सरसो के दाने पर प्रभावित हो सकते है। सतविसावा के ग्राम प्रधान रामसरन के मुताबिक बारिश होने से आलू की फसलो की नालियों में पानी भर जाने से जहाँ सड़ने एव झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ गई है। करपिया के सतनाम एव मसौली के लालबहादुर ने बताया कि बारिश के चलते गेहूं की खेती को थोड़ा फायदा होगा। सिंचाई का पैसा बच गया है परन्तु अधिक बारिश होने पर गेहूँ की फसलें भी बर्बाद हो सकती है। वही अयोध्या प्रसाद एव कृष्ण वाजपेयी ने बेमौसम बरसात से फसलो के हुए नुकसान पर चिन्ता जताई है।
मेन्था की खेती भी हो सकती है प्रभावित
मेन्था किसान समिति के अध्यक्ष डॉ0 राजेश वर्मा ने बताया कि बेमौसम भारी बारिश के कारण लगभग सभी फसलो पर अनुकूल प्रभाव पड़ सकता है। मेन्था फसल की तैयारी के लिए किसान बेरन करना शुरू कर दिया था परन्तु बारिश हो जाने के कारण मेन्था की फसल प्रभावित होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
आम की फसलो को आंशिक लाभ
भयारा निवासी बड़े बागवान अलीम किदवाई का कहना है कि बारिश आम की फसल के लिए फायदेमंद है बौर थोड़ा देर से आयेगा जिसे कीटों से बचाव हो सकता है। वही ज्यादा बारिश से नुकसान भी हो सकता है।
महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव….

