पत्रकार के घर में पुलिस ने घुसकर मचाया ताण्डव

-एसपी के सीयूजी पर पीआरओ द्वारा फोन उठाने पर दी गई मामले की पूरी जानकारी

बाराबंकी। जनपद में पुलिस किस कदर बेलगाम है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह पत्रकारों के घर में भी घुसकर मौजूद परिवारीजनों पर लाठियां भांजना शुरू कर दे। वो भी तब जब लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व चुनाव की बेला अति निकट हो।
मामला कोतवाली रामनगर के ग्राम बरियारपुर का है। हिन्दी दैनिक समाचार के पत्र के तहसील रामनगर संवाददाता मोहम्मद तौफीक की बेटी अबिरा बानो (02) का जन्म दिवस था। पूरा परिवार देर शाम घर के सदस्यों के बीच अबिरा का जन्म दिवस मना रहा था। इसी बीच आधा दर्जन के करीब पुलिस वाले बिना बताए घर में घुस आए। घर वालों को बुरी तरह पीटने लगे जैसे कोई आतंकवादी हो। पत्रकार मोहम्मद तौफीक को भी यह बताने के बावजूद कि वो पत्रकार है पुलिस ने कई लाठियां मारी। इससे जहां पत्रकार का पूरा परिवार स्तब्ध रह गया। वहीं घटना से आहत पत्रकार ने पत्रकार प्रेस महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मध्य संजय वर्मा को घटना की जानकारी मोबाइल पर दी। इस पर उन्होंने एसपी के सीयूजी नंबर पर घटना की जानकारी देकर पीड़ित पत्रकार की पीड़ा से एसपी को अवगत कराना चाहा लेकिन सीयूजी नंबर एसपी के पीआरओ ने उठाया और मामले से एसपी को अवगत कराने की बात कही।

पत्रकार प्रेस महासंघ ने बैठक कर बनाई रणनीति

बाराबंकी। जिला मुख्यालय पर बस स्टेशन के निकट मिश्रा लॉज कैंपस पर पत्रकार प्रेस महासंघ की बैठक हुई। बैठक में पत्रकारों के उत्पीड़न पर विचार विमर्श हुआ। ऐसे मामलों से निपटने के लिए रणनीति बनाई गई। ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके। बैठक की अध्यक्षता पत्रकार प्रेस महासंघ के जिला प्रभारी आलोक कात्यायन ‘माधव’ ने की। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार के घर में रात करीब नौ पुलिस का इस तरह से घुसना और वहां पर तोड़फोड़ करके मौजूद लोगों पर लाठी भांजना लोकतंत्र पर प्रहार है। पुलिस की यह कार्यशैली कतई बर्ताश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि ऐसे पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर देना चाहिए जो वर्दी की रौब गांठने के लिए निर्दोष लोगों पर बेजा हनक जमाते हैं। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मध्य संजय वर्मा ‘पंकज’ ने कहा कि पुलिस की यह कार्यशैली अंग्रेजों के समय की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि हद तो यह भी है कि मामले की जानकारी देने के प्रयास में जनपद के आला अधिकारियों से भी उनके सीयूजी पर बात नहीं हो पाती क्योंकि वह फोन उठाते ही नहीं हैं। जिलाध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि पुलिस की यह कार्यशैली किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस प्रकरण पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग की है। जिला महासचिव सर्वजीत वर्मा ने कहा कि ऐसे पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जाए। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष कपिल सिंह, प्रदेश मध्य उपाध्यक्ष मनोज शर्मा,शमीम अंसारी: ऋषभ सैनी, सौरभ शुक्ला, भूपेंद्र मिश्र, अनिल वर्मा, पवन श्रीवास्तव संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा आदि मौजूद रहे।

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