हत्यारे पौत्र ने दो दिन पहले ही दादा-दादी को ठिकाने लगाने की बनाई थी। योजना
मुकीम अहमद अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984
हत्यारे ने अपने बयानों में गेंदनलाल को ही दोषी ठहराया था लेकिन सुबूतों में वह फंस गया।
बदायूं। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव दांवरी में बुजुर्ग दंपती की हत्या करने वाला पौत्र हेमेश ही निकला। अब पुलिस ने भी अपनी जांच पड़ताल में इसकी पुष्टि कर दी है। उसके खिलाफ तमाम सुबूत मिले हैं। उसने हत्या से दो दिन पहले योजना बनाई थी, फिर दिल्ली से आकर अपने दादा-दादी की जान ले ली। हेमेश को जेल भेज दिया है। सोमवार दोपहर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि 25 जून को दांवरी गांव में 65 वर्षीय प्रेमशंकर और उनकी पत्नी 62 वर्षीय भगवानदेई के अलग-अलग घर में शव पड़े मिले थे। उस वक्त दंपती के बेटे गेंदनलाल की तहरीर पर उसके सगे भतीजे हेमेश पुत्र रामपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उसके आधार पर हेमेश को गिरफ्तार किया गया लेकिन उसने खुद को बेगुनाह बताया। उसका पिता, मां और पत्नी भी उसे बेगुनाह मान रहे थे। इस पर पुलिस ने और गहराई से छानबीन की। उसकी लोकेशन पता कराई गई तो वह 22 जून को दांवरी गांव में ही था। वह 19 जून को अपनी मां के साथ गांव आया था। दोनों एक नामकरण संस्कार में शामिल भी हुए थे। एसएसपी ने बताया कि इस दौरान हेमेश अपनी दादी से रुपये मांगने गया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। तभी उसने सोच लिया था कि वह उनकी हत्या कर देगा। वह 19 जून को अपनी मां के साथ दिल्ली लौट गया। 22 जून को वह फिर गांव आया और दादी के पास रुका। रात साढ़े तीन बजे उसने भगवानदेई को गला दबाकर मार डाला, उसके बाद दादा की ईंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी और मौके से भाग गया। इस खुलासे के दौरान एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा, सीओ बिसौली ओजस्वी चावला, एसओ चरन सिंह राणा मौजूद रहे।
गेंदनलाल को फंसाना चाहता था हेमेश
हेमेश चाचा गेंदनलाल को ही इस हत्याकांड में फंसाना चाहता था। इसलिए वह चुपके से आया और उनकी हत्या करके दोनों मकानों में ताला डाल दिया। उसने अपने बयानों में गेंदनलाल को ही दोषी ठहराया लेकिन सुबूतों में फंस गया।
मुकीम अहमद अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

