जुए की फड़ ने मजलूम परिवारों को भूखो सोने पर कर दिया मजबूर आखिर पुलिस जुआरियों को पकड़ने में क्यों नाकाम
खेल के मैदान पर बिखरी पड़ी ताश
बिंन्दकी तहसील के थाना क्षेत्रो मे इन दिनों सारे अपराधों की जड़ जुए की लगने वाली फड़ो से जहाँ एक ओर जन जीवन त्रस्त है वही क्षेत्रिय पुलिस जान कर अन्जान बनने का नाटक क्यो कर रही जनमानस के सामने यह प्रश्न के भांति कौंध रहा है
मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों कल्यानपुर-औंग-बकेवर में टाइम पास के नाम पर लगने वाली जुए की फड़ पूरे शबाब पर है
सूत्रों की माने तो चौडगरा चौकी से चार कदम की दूरी पर लगने वाली जुए की फड़ो से ही पूरा अंदाजा लिया जा सकता है चार कदम की दूरी पर खुले मैदान पर वही बिहारी होटल के पीछे सटे सफेदा के बाग पर अदमापुर सफेदा के बाग पर मवईया गांव से ही जुड़े केला के खेत के समीप हरदौलपुर साई पहुर कोरसम वही बकेवर थाना क्षेत्र के मंझिलेगांव मे लगने वाली जुआ की फड़ जो बहुचर्चित है वहीं औग थाना क्षेत्र के मायाराम खेड़ा मैं महुआ आम के बगीचे के समीप खदरा के बसावनपुर गांव के समीप ट्यूबवेल में गन्चौली मे मां दुर्गा मंदिर के समीप रसूलपुर पधारा शादीपुर जैसे लगभग कई गांवों पर लकड़ी के नाम से सजती है बड़ी-बड़ी जुआ की फड़े जिन पर हर थाने के हलका सिपाही अपनी-अपनी जगहो पर सेटिंग जमाए बैठे हैं जहाँ फड़ से पूरी ईमानदारी बरतते हुए गैम्बलर टैक्स सिपाही तक पहुंच जाता है
जुआरी हारने के बाद शराब पीकर परिवार पर मचाते है कलैह परिवार के लोग भी हो जाते हैं परेशान
अब देखना यह है कि क्या जिले के मुखिया द्वारा जुआरियों के प्रति उठाया जाएगा कोई ठोस कदम या फिर इसी तरह जुआ की फडे सजती हुई नजर आएंगी

