मसौली, बाराबंकी। दयानन्द महाविद्यालय शेरपुर में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक एव शिक्षिकाओं के चल रहे पांच दिवसीय निष्ठा प्रशिक्षण के चैथे दिन योग, कला, समेकित शिक्षा पर चर्चा की गई। चैथे दिन के प्रशिक्षण की शुरुआत करते हुए खण्ड शिक्षा अधिकारी उदयमणि पटेल ने कहा कि यदि सिखाने की प्रक्रिया में दृश्य कला, प्रदर्शन कला, चित्रकला ,साहित्य कला का संयोजन किया जाए तो बच्चों को अवधारणा समझने में आसानी होगी। कला के माध्यम से गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा में उनकी अमूर्त अवधारणाओं के बीच संबंध स्थापित कर प्रभावी ढंग से अधिगम कराया जा सकता है। बीईओ श्री पटेल ने कहा कि अधिगम में कला का समावेश बच्चों को सीखने और उनके समग्र विकास पर सीधा प्रभाव डालता है। उन्होंने कला शिक्षा और कला समेकित शिक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कला से जुड़ने के बाद विद्यार्थी अवलोकन, कल्पना, खोज ,प्रयोग ,तर्क ,सृजन आदि गतिविधियों से गुजरता है। एस आर पी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने विद्यालय में स्वास्थ्य और कल्याण के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केवल रोगों से मुक्ति नहीं है, बल्कि यह शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और मानसिक लक्षण को प्रकट करता है जिसका अभ्यास बच्चो में होना चाहिए। के आर पी रिचा सिंह ने जहाँ भोजन के लिए संतुलित पिरामिड की चर्चा की वही एकता मिश्रा ने विद्यालय आधारित आकलन पर चर्चा की। इस मौके पर संजय श्रीवास्तव, विश्वनाथ वर्मा, जमाल अहमद, अशफी किदवाई, राकेश सिंह, मेवालाल, अमित कुमार, सुभाषचन्द्र वर्मा, नीरज श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, अल्का सिंह, आतिफा खान आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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