ग्राम पंचायत विकास योजना विषय को लेकर दूसरे चरण का प्रशिक्षण ब्लाक सभागार में आयोजित किया गया।
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी
मसौली बाराबंकी। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीकरण तथा ग्राम पंचायत विकास योजना विषय को लेकर दूसरे चरण का प्रशिक्षण ब्लाक सभागार में आयोजित किया गया।जिसमें गरीबी मुक्त उन्नत आजीविका,स्वस्थ बाल हितैषी,जल प्रयाप्त,स्वच्छ और हरा भरा,आत्मनिर्भर,सामाजिक रूप से सुरक्षित,सुशासन प्रवत्त तथा महिला हितैषी गांवों का चयन और उनकी स्थितियों के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत जानकीराम ने कहा कि ग्राम पंचायतो को सशक्त बनाने के लिए जनसहभागिता बहुत जरूरी है ग्राम पंचायतो मे गठित स्वय सहायता समूहों की भागीदारी के साथ जीपीडीपी तैयार करना सशक्त पंचायत की पहचान है।
प्रशिक्षक आशा यादव ने ग्रामीण गरीब उन्मूलन कार्यक्रम एप के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों एव ग्राम प्रधानों जीपीडीपी के प्रति जागरूक किया उन्होंने ग्रामीण उन्मूलन कार्यक्रम को चार भागों में बंटे होने की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक प्रकार का डिमांड प्लान है जोकि सामुदायिक आधारित संस्थाओं द्वारा सहभागिता से तैयार किया जाता है । ग्राम सभा अनुमोदन होकर एक जीपीडीपी में समाहित किया जाएगा। यदि जीपीडीपी में मांग प्लान समाहित नहीं की जाती है तो वह जीपीडीपी को अपूर्ण रहेगी। स्लाइड शो के माध्यम से विविध जानकारियां दी गई।
प्रशिक्षण मे ग्राम प्रधान पल्हरी मोहम्मद आलम, अनिल वर्मा, नूर मोहम्मद, रघुराज, नितिन कुमार, देशराज सुरेशचंद्र, सुशीला, सीमा, सुमन, कुमकुम आदि लोग मौजूद रहे।

