तालेबान ने तीसरे चरण में बीस अफ़ग़ान बलों को रिहा किया, संघर्ष विराम की अशरफ़ ग़नी की मांग भी रद्द कर दी
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
तालेबान गुट ने अपनी क़ैद में मौजूद अफ़ग़ानिस्तान के बीस सुरक्षा कर्मियों को रिहा कर दिया है और साथ ही संघर्ष विराम की अफ़ग़ान सरकार की मांग को भी रद्द कर दिया है।
तालेबान गुट ने एलान किया है कि कई हफ़्ते पहले अमरीका के साथ होने वाले शांति समझौते के अंतर्गत उसने तीसरी बार बीस अफ़ग़ान सुरक्षा कर्मियों को रिहा कर दिया है। तालेबान के प्रवक्ता ने बताया है कि शुक्रवार की रात देश के पूर्वी प्रांत लग़मान में 20 अफ़ग़ान बलों को रिहा कर दिया गया है। इस प्रकार तालेबान की ओर से रिहा किए जाने वाले अफ़ग़ान बलों की संख्या 60 तक पहुंच गई है। इसके मुक़ाबले में अफ़ग़ान सरकार ने अब तक तालेबान के 361 बंदियों को रिहा किया है।
इस बीच तालेबान ने संघर्ष विराम की अशरफ़ ग़नी की मांग रद्द कर दी है। तालेबान के प्रवक्त ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी कोरोना वायरस के फैलाव के बहाने संघर्ष विराम को अपनी सत्ता मज़बूत करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अफ़ग़ानिस्तान की सरकार संघर्ष विराम और युद्ध की समाप्ति की इच्छुक है तो उसे शांति की राह में रुकावट नहीं डालनी चाहिए। अशरफ़ ग़नी ने गुरुवार की रात एक बार फिर तालेबान से कहा था कि वह संयुक्त राष्ट्र संघ, क्षेत्रीय देशों और अफ़ग़ान जनता व सरकार की अपील का सकारात्मक जवाब देते हुए संघर्ष विराम करे और देश में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने में मदद करे।
उधर अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी करके बताया है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में अफ़ग़ान बलों और तालेबान के बीच होने वाली झड़पों में 22 तालेबान मारे गए हैं। बयान में कहा गया है कि ये झड़पें शुक्रवार और शनिवार को देश के कई प्रांतों में हुई हैं।

