टी.आर.सी. लॉ कॉलेज में मनाया गया संविधान दिवस दो दिवसीय कार्यक्रम की श्रंखला में विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी सतरिख स्थित टी.आर.सी. लॉ कालेज में संविधान दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संविधान दिवस की पूर्व संध्या दिनांक 25 नवम्बर 2024 को रंगोली, पोस्टर प्रतियोगिता एवं दिनांक 26 नवम्बर, 2024 को संविधान दिवस पर 26 नवम्बर को संसदीय वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।
कार्यक्रम की श्रंखला में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रथम दिवस के कार्यक्रम मंे जज के रूप में सामाजिक कार्यकत्री श्रीमती स्वेता चतुर्वेदी और श्रीमती सुमन मिश्रा उपस्थित रही। छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई रंगोली एवं पोस्टर का अवलोकन करते हुए जजों के निर्णयानुसार रंगोली प्रतियोगिता में जान्हवी यादव प्रथम, निशा सिंह द्वितीय एवं नीतू तृतीय स्थान पर रही। जबकि पोेस्टर प्रतियोगिता में प्रिंस राज प्रथम, वैष्णवी चौधरी द्वितीय और अंशिका सोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
दूसरे दिन संविधान दिवस पर कार्यक्रम की शुरूवात कॉलेज प्रबन्धक डा. सुजीत चुतर्वेदी, प्राचार्य डा. अश्वनी कुमार गुप्ता व मुख्य अतिथि डा. अविनाश मिश्रा प्राचार्य, जस्टिस लॉ कॉलेज, बाराबंकी ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती एवं बाबा साहब भीमराव आम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया। मुख्य अतिथि डा. मिश्रा ने संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के शीर्षक मृत्युदण्ड का उन्नमूलन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन करके ही मृत्युदण्ड दिया जा सकता है। इस प्रतियोगिता में पक्ष-विपक्ष की कुल 12 टीमें पंजीकृत थी जिन्होने भारतीय संविधान और भारतीय जीवन दर्शन पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने तर्क बखूबी रखे एवं उपस्थित न्यायधीश मण्डल के प्रश्नों का उत्तर भी दिया। जिसका निष्कर्ष यह निकला कि आज के समय में मृत्युदण्ड जैसा कानून समाज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जघन्य से जघन्यतम अपराधों में देना न्यायोचित है जिसकी पुष्टि माननीय उच्चतम न्यायालय बच्चन सिंह बनाम् पंजाब सरकार के केश मे किया है आज भी उसी परिपाटी की आवश्यकता भारतीय परिवेश में है। मृत्युदण्ड का सिद्धान्त प्रतिशोधात्मक सिद्धान्त पर आधारित है जबकि हम वर्तमान समय में सुधारात्मक सिद्धान्त को स्वीकार किये हैं, इसलिए हमे दण्ड के सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनो पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे जिलापूर्ति अधिकारी डा. राकेश कुमार तिवारी ने छात्र-छात्राओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ धर्म एवं समाज के हर पहलुओं के बारे में जागरूक रहने की बात कही। इसके साथ ही भावी पीढ़ी पर सोशल मीडिया के सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों पर भी ध्यान देने की बात कही। इस अवसर पर संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने पक्ष-विपक्ष की टीम बनाकार अपना-अपना पक्ष तर्कसंगत एवं तथ्यात्मक तरीकों के साथ रखा और शीर्षक के अनुसार विभिन्न विधि शास्त्रियों, विचारकों, सामाजिक चिंतकों के विचारों एवं विधिक प्राविधानोें के साथ अपना-अपना पक्ष बिन्दुवार रखा। निर्णायक मण्डल में शामिल जस्टिस लॉ कॉलेज के प्राचार्य डा. अविनाश मिश्रा, टी.आर.सी. लॉ कॉलेज के प्राचार्य डा. अश्वनी कुमार गुप्ता एवं डा. दीपमाला श्रीवास्तव द्वारा विजेता टीम को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘‘करूणा के साथ संरक्षण‘‘ संस्था द्वारा छात्र-छात्राओं के बीच जीवो के संरक्षण सम्बंधी नियम भी बताये गये। कार्यक्रम समापन के अवसर पर कॉलेज प्रबन्धक डा. सुजीत चतुर्वेदी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं के साथ प्रवक्तागण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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