अमरीका को रूस का करारा जवाब, ईरान पर हथियारों की पाबंदी मुमकिन नहीं है
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
रूस के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि अमरीका को अपने कुछ राजनैतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 के कुछ ख़ास अनुच्छेदों को इस्तेमाल करने की बात करने के बजाए, परमाणु समझौते में वापस आना चाहिए। सर्गेई रियाबकोफ़ ने रूस की नोवेस्ती समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र संघ के हथियार संबंधी प्रतिबंध, जो अक्तूबर में समाप्त हो जाएंगे, आगे जारी नहीं रह सकते। उनका यह बयान अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के उस दावे की प्रतिक्रिया में सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वाॅशिंग्टन, ईरान के ख़िलाफ़ हथियारों के प्रतिबंधों को विस्तृत करने के लिए अपनी हर संभव कोशिश करेगा।
रूस के उप विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान को हथियार व सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने और ईरान से हथियारों के निर्यात की वर्तमान विशेष व्यवस्था की समय सीमा बढ़ाने के बारे में कहा जाना चाहिए कि यह मामला उसी समय हल हो गया था जब सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव नंबर 2231 पास हुआ था। इस विशेष व्यवस्था का क्रियान्वयन पांच साल गुज़रने के बाद अक्तूबर 2020 में ख़त्म हो जाएगा और सुरक्षा परिषद के इस फ़ैसले में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
सर्गेई रियाबकोफ़ ने कहा कि कहा कि अमरीका को सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव के किसी अनुच्छेद को अपने राजनैतिक लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल करने की किसी भी तरह की बात करने से पहले ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते के संपूर्ण क्रियान्वयन के लिए इस समझौते में वापस लौटना होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव क्रमांक 2231 के सभी अनुच्छेदों को पूरी तरह से लागू होना चाहिए और इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले सभी देशों को बिना किसी कमी के इसका पालन करना चाहिए। रूस के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अमरीका न केवल यह कि इस प्रस्ताव के क्रियान्वयन में रुकावट डाल रहा है बल्कि इसे लागू करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगा रहा है और उन्हें धमकी दे रहा है।

