बदायूं में मातहत नहीं मानते अफ़सरों का आदेश । बहाली आदेश के बाद भी नहीं दी ड्यूटी कोर्ट के आदेश को भी डाला रद्दी की टोकरी में ! सभापति ने की कार्यवाही की मांग

मुकीम अहमद अंसारी

बदायूं। कस्वा उझानी इन दिनों सुर्खियों में है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं बुटला स्थित बी पेक्स सहकारी समिति के भ्रष्टाचार की । जहाँ सचिव की मनमानी और अड़ियल रवईये से तंग बाबू को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी । कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए सचिव ने अपने विभाग के उच्च अधिकारी के आदेश को भी ठुकरा दिया । बहाली आदेश के बाद भी बाबू को नहीं नहीं मिल पा रही ड्यूटी । लम्बे समय से अफ़सरों के चक्कर काट रहा आँकिक । सभापति ने की सचिव को हटाने की मांग । योगी सरकार भले ही सरकारी दफतरों को सुधारने में लगी है लेकिन उझानी के बुटला बोर्ड स्थित बी पेक्स सहकारी समिति में व्याप्त अनियमिततायें थमने का नाम नहीं ले रही हैं । लम्बे अरसे से सुर्खियों में रही सहकारी समिति में अक्सर ताले लटके मिलते हैं और अपने निजी स्वार्थ के चलते आँकिक का कार्य प्राइवेट लड़के से लिया जा रहा है जोकि पूरी तरह से गैर कानूनी और चिंता का विषय है। नतीजतन पीड़ित आँकिक राजीव कुमार को न्याय के लिये अफ़सरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं ! हैरान करने वाली बात यह है कि जाँच में आँकिक को निर्दोष पाया गया और आँकिक को कोर्ट से स्टे भी मिल चुका है! अफ़सरों ने उनकी बहाली के आदेश देते हुए ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश भी जारी किये बावजूद इसके आँकिक को ड्यूटी नहीं मिल पा रही है जिसके कारण आँकिक के सामने आर्थिक संकट मंडरा रहा है! पीड़ित ने आज मीडिया के सामने चौकाने वाला ख़ुलासा करते हुए बताया कि सेवा निवृत चौकीदार व उन्हें झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाकर निलंबित किया गया था जिसे कोर्ट द्वारा उन्हें बहाल कर दिया गया और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता ) मुन्ना लाल मिश्रा ने भी बहाली आदेश देते हुए सचिव को ड्यूटी ज्वाइन कराने के निर्देश दे दिये मगर राजीव को ड्यूटी नहीं दी जा रही है । कोर्ट की अवहेलना में माहिर सचिव के ख़िलाफ तमाम आवाज़ेँ उठीं मगर कार्यवाही आज तक न हो सकी जिस पर सवालिया निशान लगना स्वाभाविक है ! अब देखते हैं कि पीड़ित को न्याय दिलाने और कोर्ट की नाफ़रमानी पर विभाग क्या क़दम उठायेगा।

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

Don`t copy text!