सफीपुर: एसडीएम आवास में भराने कराने के लिए मुंसिफ न्यायाल के लिए आरक्षित भूमि से मिट्टी का खनन करा लिया गया। अधिवक्ता संघ ने जनपद न्यायाधीश से शिकायत की। अधिवक्ताओं की शिकायत पर जनपद न्यायाधीश ने जांच कराने का आदेश दिया है। जिला जज के आदेश पर नगर मजिस्ट्रेट ने सोमवार को मौके पर पहुंच जांच की। उन्होंने जांच रिपार्ट गोपनीय बता कुद बताने से इंकार कर दिया।
तहसील अधिवक्ता संघ ने जिला जज को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि प्रस्तावित मुंसिफी न्यायालय के लिए आरक्षित भूमि पर मिट्टी खनन कराकर निर्माणाधीन एसडीएम आवास में भरान कराया गया है। जिस पर मुंसिफ मजिस्ट्रेट को तहसीलदार ने बताया कि मुंसिफी न्यायालय की आरक्षित भूमि पर कोई खनन नहीं हुआ है। इस रिपोर्ट के बाद जिला जज ने नगर मजिस्ट्रेट से जांच कराने को कहा। नगर मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बताया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट जिला जज को देंगे। वहीं एसडीएम राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि निर्माणाधीन आवास में भरान के लिए अवैध खनन के आरोप गलत हैं। गाटा संख्या 85 एवं 91 जो तालाब एवं बंजर में दर्ज है। ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकता के लिए फावड़े से मिट्टी खोदकर निकाली है।
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