मसौली बाराबंकी। पत्ते से लेकर बीज तक औषधि में काम आने वाले अमेरिका के राष्ट्रीयवृक्ष के रूप में जाने जाने वाले महोगनी पेड़ का रोपड़ क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय करपिया में एसआरजी शिक्षक अवधेश कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। महोगनी की लकड़ी जहाँ पानी के जहाज बनाने के काम आती है वही बंदूक का कुन्दा महोगनी लकड़ी से ही बनता है। बताते चलें कि शिक्षा क्षेत्र मसौली के कम्पोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक राज्य सन्दर्भ समूह के सदस्य अवधेश कुमार पाण्डेय ने विद्यालय परिसर में बारिश के पानी के जल संचयन के लिए जिले में प्रथम रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना की है इसके अलावा विद्यालय परिसर में ही तेजपत्ता, दालचीनी, बड़ी इलायची के आलावा, सतावर, कालमेघ, मीठी नीम, ज्वरांकुश, तुलसी के औषधि पौधों एव बरगद, पीपल, गूलर,आम, पाकड़ के पेड़ रोपित कर पंच पल्लव वाटिका बनायी है। इसके अलावा स्कूल परिसर में ही सीता सिंदूर का पौधा रोपित है जिसमे जाड़ो में फल व फूल आते है तथा मार्च के महीने में बीज से सिंदूर निकलता है। गुरुवार को एसआरजी शिक्षक अवधेश कुमार पाण्डेय ने अमेरिका के राष्ट्रीय वृक्ष महोगनी को अपनी वाटिका में शामिल किया है।
कीमती लकड़ी के रूप में जाना जाता है महोगनी वृक्ष
विद्यालय के प्रधानाध्यपक अवधेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि महोगनी पेड़ की खासियत यह है कि इसका कोई भी हिस्सा अनुपयोगी नहीं होता. चाहे पत्तियां हों, तने, बीज, फल, फूल, सबकुछ इंसानों और प्रकृति के लिए बहुत से फायदों से भरा होता है ।महोगनी एक इमारती लकड़ी है, जिससे फर्नीचर, पानी का जहाज, संगीत वाद्य, बंदूक का कुन्दा आदि बनाये जातेहैं।
महोगनी के पत्ते औषधी युक्त
एसआरजी शिक्षक अवधेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि महोगनी एक औषधीय पौधा है। इसके पत्तों का उपयोग कैंसर, ब्लडप्रेशर, अस्थमा, सर्दी, मधुमेह सहित अन्य रोगों में होता है। यह पौधा 5 वर्ष में एक बार बीज देता है। एक पौधे से 10 किलो बीज मिलते हैं। इसके बीज एक हजार रुपए से अधिक प्रतिकिलो तक बिकते हैं। वहीं लकड़ी होलसेल में दो हजार से 25 सौ रुपए प्रति घन फीट के हिसाब से बिकती है।
विद्यालय में बनेगी नौ ग्रह वाटिका
एसआरजी शिक्षक अवधेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि विद्यालय परिसर में जल्द ही नौ ग्रह वाटिका बनायी जायेगी जिसमे पलास, खैर,गूलर, कुश,पीपल, समी, अपामार्ग एव दूब रोपित की जायेगी। श्री पाण्डेय ने बताया वनस्पति एव विलुप्त हो रहे पेड़ो के जरिये बच्चो को वनस्पति संरक्षण के प्रति जागरूक किया जायेगा।
मोहम्मद वसीम कुरेशी संवाददाता मसौली बाराबंकी।

