जिला अस्पताल में मरीज को बैठाते निजी एम्बुलेंस को पकड़ा

अम्बेडकरनगर महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय में सक्रिय दलालों के बाद अब निजी एम्बुलेंस के संचालकों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। बीते कई दिनों से एम्बुलेंस संचालकों की कारस्तानी की टोह में जुटे जिला अस्पताल प्रशासन को बीते शुक्रवार की सफलता मिली। इमरजेंसी के सामने से मरीज को बैठाते निजी एम्बुलेंस को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।जिला अस्पताल में अरसे से दलालों और निजी एम्बुलेंस वाले सक्रिय हैं। ओपीडी की अवधि में ही नहीं वरन 24 घंटे चलने वाली इमरजेंसी में सक्रिय रहने वाले दलाल निजी एम्बुलेंस से मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजते हैं। निजी पैथालॉजी व अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जांच और भर्ती कराते हैं। बदले में मोटी रकम की कमीशन लेते हैं। दलालों और निजी एम्बुलेंस वालों का काकस केवल ओपीडी और इमरजेंसी तक ही सीमित नहीं है वरन वार्डों तक फैला है। वार्डों में भर्ती मरीजों को भी बहला-फुसला कर एम्बुलेंस से निजी अस्पताल भेज दिया जाता है। इसकी जिला अस्पताल प्रशासन को निरंतर शिकायतें मिल रहीं थीं। मीडिया ने बीते जुलाई में पड़ताल कर खबर का प्रमुखता से प्रकाशन किया था। शिकायतों को और खबर को संज्ञान में लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ ओमप्रकाश ने इन पर नकेल कसने का अभियान शुरू किया है। बीते दिनों आठ दलाल चिन्हित किए गए थे। सीसीटीवी कैमरे से चिन्हित दो दलाल को रंगे हाथ पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया था। अब शुक्रवार की मध्यरात्रि में जिला अस्पताल में भर्ती होने आए एक मरीज को इमरजेंसी के सामने से ही निजी एम्बुलेंस संचालक ने झांसा देकर निजी अस्पताल ले जाते समय पकड़ा गया। मरीज को निजी एम्बुलेंस में बैठाते स्वयं सीएमएस डॉ ओमप्रकाश ने पकड़ा और रात में ही पुलिस बुलाकर एम्बुलेंस के साथ चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। अकबरपुर कोतवाली पुलिस जांच कर कार्रवाई कर रही है। अकबरपुर थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय ने बताया कि जांच की जा रही है।परिवहन विभाग कर रहा एम्बुलेंस के पंजीकरण की जांच: जिला अस्पताल के बाहर दर्जन भर निजी एम्बुलेंस 24 घंटें सक्रिय रहते हैं। इनकी ओर से मरीजों को झांसा देकर निजी पैथालॉजी और अस्पतालों में भेजा जाता है। इनमें कई अवैध तरीके से सामान्य वैन को एम्बुलेंस का रूप देकर संचालित होते हैं। कइयों में शासन से निर्धारित मानक का भी अनुपालन नहीं किया जा रहा है। बावजूद इसके परिवहन विभाग कभी जांच करने की जहमत नहीं उठाता है। बीते दिनों निजी एम्बुलेंस पर प्रशासन से निर्धारित रेट लिस्ट चस्पा करवाने के अलावा परिवहन विभाग कभी जांच कराने की जहमत नहीं उठाई। बीते शुक्रवार की रात जिला अस्पताल में निजी एम्बुलेंस को मरीज बैठाते पकड़े जाने पर परिवहन विभाग ने जांच शुरू की है। एआरटीओ वीडी मिश्र ने कहा कि सभी एम्बुलेंस के पंजीकरण और मानक के अनुपालन की जांच होगी।दलालों और निजी एम्बुलेंस वालों की मनमानी रोकने का पूरा प्रयास हो रहा है। निरंतर निगरानी हो रही है। कई के खिलाफ कार्रवाई कराई गई है। आगे भी ऐसा होगा। मरीजों और तीमारदारों से अपेक्षा है कि ऐसे लोगों के झांसें में न आएं। कोई भी बरगला कर निजी अस्पताल ले जाना चाहता हो तो तत्काल हमें सूचित करें।

 

Don`t copy text!