बुजुर्गों की कुर्बानियों से रौशन है हमारा मुल्क़: मौलाना कमर
मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489
फतेहपुर, बाराबंकी(एसएम न्युज24टाइम्स)। आजाद फिजाओं में हम जो सांसे ले रहे हैं। वह हमारे बुजुर्गों की कुर्बानियों का फल है। हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए ही अपनी जिंदगियों का नजराना पेश किया। कारागार की कठिनाइयां बर्दाश्त कीं। देश को अंग्रेजो के पंजे से स्वतंत्र कराने के लिए जंगल बियाबान की खाक को नर्म बिस्तर पर प्राथमिकता दी। उक्त विचार कमर फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित अगस्त क्रांति के अवसर पर सेमिनार ‘हमारी आजादी और हमारी जिम्मेदारियां‘ के शीर्षक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए समाजसेवी मौलाना मेराज अहमद कमर ने किया। उन्होंने कहा कि जिस धार्मिक घृणा का फायदा उठाकर अंग्रेजों ने देश को गुलाम बना लिया था शायद आज हम फिर उसी सांप्रदायिकता का शिकार हो रहे हैं। सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे डॉ अलाउद्दीन ने अपने संबोधन में समस्त भारतीय नागरिकों विशेषता मुसलमानों को इस मुल्क की अमन व सलामती के लिए अन्य धर्मावलंबियों से प्रेम भाईचारे के संबंध को स्थापित करने पर बल दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता यादवेंद्र प्रताप सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि यूं तो मुल्क सबका है मगर देश की आजादी में मुसलमानों के योगदान को फरामोश नहीं किया जा सकता। जो आज भी इतिहास के पन्नों पर सुनहरे शब्दों में दर्ज है। इस अवसर पर वयोवृद्ध समाजसेवी हाफिज अब्दुल हई, पत्रकार जावेद अख्तर, मो. असलम खान, मो. अलीम, वीरेश यादव, सैयद आतिफ हुसैन, चांद मोहम्मद, इमरान, रजी अहमद, इजहार कमर, अफजल खान, नदीम अंसारी, अशफाक मंसूरी, उस्मान रईनी आदि सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

