कस्तूरबा ने महात्मा गांधी के इरादों को किया मजबूत: सुधा वर्मा समाजसेविका सुधा वर्मा एवं आशा संगिनी सुनीता देवी को मिला साामजिक सहभागिता सम्मान

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

बाराबंकी। महिला के नारीत्व के पीछे बहुरंगी प्रतिभा छुपी होती है। उसका हर कदम पुरूष से मजबूत, अडिग और तरक्की वाला होता है। इसीलिए महात्मा गांधी हमेशा कस्तूरबा गांधी को बराबर बैठाना चाहते थे। लेकिन कस्तूरबा थी कि हमेशा सीख सीखकर बराबरी पर बैठ जाती थी। पढ़ी लिखी न होने के बावजूद उन्होंने मोहन को गांधी बनाया। वह सत्याग्रहों में गांधीजी की परछाई बनी रही और महात्मा गांधी के इरादों को मजबूत किया। यह बात गांधी भवन में अमृत महात्मा गांधी सप्ताह के तीसरे दिन ‘कस्तूरबा गांधी और नारी सशक्तिकरण‘ पर आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेश वर्मा की पत्नी श्रीमती सुधा वर्मा ने कही। इस दौरान गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा ने कोराना काल में उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को प्रोत्साहित करते हुए सामाजिक सहभागिता सम्मान से सम्मानित किया। वहीं आशा बहू स्वास्थ्य समिति की जिलाध्यक्ष सुनीता देवी को समाजसेविका सुधा वर्मा ने स्मृति चिन्ह व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। श्रीमती वर्मा ने आगे कहा कि महिलाओं का स्वर्णिम इतिहास रहा है। जिन्होंने हर क्षेत्र में परचम लहराया है। लेकिन हमारे समाज की कुछ कमियां रही है जिससे आज भी महिलाओं को बराबरी का दर्जा नहीं मिल पाया है। इसका प्रमुख कारण अशिक्षा रही है। संगोष्ठी में उपस्थित सरिता शर्मा ने कहा कि कस्तूरबा गांधी देश के प्रति निष्ठावान और समर्पित रहने वाली प्रभावशाली महिला थी। कस्तूरबा गांधी ने एक ओर जहां आदर्श पत्नी का फर्ज निभाया तो दूसरी देश की आजादी के लिए वीरांगना की तरह लड़ी। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शोध छात्रा तेजस्वी शर्मा ने कहा कि महिलाओं को सभी तरह के अधिकार दिए गए हैं। लेकिन असाक्षरता व जागरुकता की कमी के चलते महिलाओं को अपने मौलिक अधिकार की जानकारी नहीं होती। इसी वजह से महिलाएं स्वतंत्र भारत में भी अपनी बातों को खुलकर सामने नहीं रख पा रही है, जो भारत देश की सबसे बड़ी विडंबना है।मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

 

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