प्रियांशु गजेंद्र और मीसम गोपालपुरी ने बांधी समां
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211
ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे महाराष्ट्र से आए अबरार काशिफ ने अपनी शेरों-शायरी से श्रोताओं को इस तरह मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने अपनी नज़्म पढते हुए कहा ‘मंजिलों को कौन जाने, रह गुजर अच्छी नहीं, उसकी आंखे खूबसूरत है, नजर अच्छी नहीं।‘ आगे उन्होंने पढ़ा ‘अपने किरदार से ओझल नहीं होने देता, इश्क इंसान को पागल नहीं होने देता।‘ वहीं कवि गजेंद्र प्रियांशु ने श्रृंगार रस की कविताओं से श्रोताओं को सराबोर करते हुए अपनी कविता को कुछ इस तरह पढ़़ी- ‘इतने निर्माेही कैसे सजन हो गए, किस की बाहों में जाकर मगन हो गए, लौट कर ना आए परदेश से, आदमी ना हुए काला धन हो गए।‘ पढ़कर लोगों को श्रृंगार रस में गोता लगाने के लिए विवश कर दिया। मशहूर शायर मीसम गोपालपुरी ने अपने अंदाज में पढ़ा ‘इतना बेजान हूं एहसास के मारों की तरह, फूल चुभते हैं मेरे जिस्म में खारों की तरह।‘ इस कार्यक्रम में कवि प्रियांशु गजेंद्र, मुमताज नसीम, उस्मान मिनाई, अज्म शाकिरी, नईम फ़राज, मीसम गोपालपुरी समेत कई फनकारों ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। मंच का संचालन मशहूर शायर अबरार कासिफ ने किया। इसके अलावा शायर अज़्म शाकिरी, मुमताज़ नसीम, उस्मान मिनाई, नई फराज़, डा हरिओम आदि ने भी बेहतरीन शायरी व काव्य रचनाओ से ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन की कामयाबी में चार चांद लगा दिए और और श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

