मनरेगा कार्याे की गुणवत्ता की पोल खुलती इंटरलॉकिग सड़क

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

रामनगर, बाराबंकी। मनरेगा की बनी इंटरलाकिंग सडके बनने के बाद धंसती जा रही है। कही बॉक्सिंग उखड़ रही तो कही बीच का हिस्सा बैठ रहा। कहा जा रहा है कि कमीशन खोरी के चक्कर मे इन सड़को की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मनरेगा से गाँवों मे लगने वाली इंटरलाकिंग सड़को में ठेकेदारी प्रथा हावी है जिससे इनकी गुणवत्ता पूरी तरह से खराब रहती है। कहीं पीली इंटो की बॉक्सिंग तो कंही नीचे रोडे नही जैसी शिकायते भी आती है लेकिन उन पर कार्यवाही नही होती। यही वजह है कि बनने के बाद सडके उखड़ने लगती है। रामनगर तहसील के निजाम पुर नहामऊ, विरौली, हसनपुर पहाडापुर, गरी, उटखरा, शेखपुर अलीपुर, गोबरहा, लैन, कुम्हरवा, बुधेड़ा, शाहपुर, चकबहरवा, सैदनपुर, रोटी गांव, बतनेरा, पर्वत पुर, अकौना, सरसंडा, बसंतपुर, गोवा। मँझारा, बिझला, मसूरिहा आदि कुछ ऐसे गाँव उदाहरण हैं। जहां के मनरेगा कार्याे की जाँच हो तो गुणवत्ता की पोल खुलती नजर आएगी। कार्य मानक पर नही मिलेगा। गुणवत्ता विहीन सड़को को बनवाने वाले भुगतान कराने मे जरूर आगे रहते है क्यो कि उनकी सेटिंग ठीक रहती है।कुछ गाँवों मे कार्य अच्छा भी है लेकिन उन्हे कमीशन उतना ही देना पड़ता जितना खराब काम वाले देते है।मनरेगा मे ठेकेदार भी जोर शोर से गाँवों मे जुटे रहते है।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

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