रावण और कंस जैसे अत्याचारियों का संहार करने के लिए श्रीहरि धरती पर हुए अवतरित – रामचंद्राचार्य महाराज
आई एम खान संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) बिसौली- बदायूं 8273974747
बिसौली। अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित भागवत कथा के छठे दिन प्रभु राम और श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया गया। पुष्कर के संत जगद्गुरु स्वामी रामचंद्राचार्य के भजनों पर श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए।। स्वामी जी ने कहा कि रावण और कंस जैसे अत्याचारियों का संहार करने के लिए श्रीहरि धरती पर अवतरित हुए। प्रभु राम ने अयोध्या नरेश दशरथ के घर में बड़े पुत्र के रूप में जन्म लिया। चौदह वर्ष के वनवास के दौरान श्रीराम ने लंकाधिपति रावण के साथ साथ उसके पूरे वंश का नाश कर दिया। महाराज जी ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि देवकी के आठवें पुत्र द्वारा वध किए जाने की आकाशवाणी सुन कंस अत्यंत भयभीत हो गया। उसने तत्काल बहन देवकी से सम्बंध विच्छेद की घोषणा कर दी। स्वामी जी ने कहा कि वासुदेव सत्यवादी थे। वचन के मुताबिक वे पहले पुत्र को कंस के पास ले गए। चूंकि कंस को देवकी के आठवें पुत्र से जान का खतरा था इसलिए उसने पहले पुत्र की जान नहीं ली। नारदमुनि ने कंस को ऐसा पाठ पढ़ाया कि उद्वेलित कंस ने बालक का वध कर दिया। इसी प्रकार कंस सांतवें पुत्र तक हत्या करता रहा। इस मौके पर कृष्णकांत अग्रवाल, विष्णुकांत अग्रवाल, रवि प्रकाश अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, योगेश भारद्वाज एड., राजेश भारद्वाज एड., संजीव अग्रवाल, शशांक अग्रवाल, अजीत सिंह, विपिन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल, विमला, पुष्कर, शिवम, शुभांशु आदि मौजूद रहे।
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